Free Transport Pakistan: ईरान युद्ध से जुड़ी वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी के कारण पाकिस्तान का हाल बेहाल है। जिसके चलते शुक्रवार को अधिकारियों ने घोषणा की कि इस्लामाबाद और इसके सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत में सरकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अगले महीने तक मुफ्त रहेगा।
बता दें कि यह घोषणा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद की गई थी। जिसके चलते सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुए। पेट्रोल स्टेशनों पर मोटरसाइकिलों की लंबी कतारें भी देखी गईं। लेकिन अब भारी विरोध को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने तुरंत यू-टर्न ले लिया है और पेट्रोल के दाम में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती का एलान कर दिया है।
फिलहाल, पेट्रोल की कीमत में गिरावट होने से पाकिस्तान की आम जनता को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
बता दें कि पेट्रोल की लेवी दरों में कटौती डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को बैलेंस करने के लिए की गई है। वर्तमान में पाकिस्तान में डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, पेट्रोल की कीमत 458.40 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई थी, जिसे शहबाज सरकार 80 रुपये प्रति लीटर घटा रही है।
वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, "कल (शनिवार) से शुरू होकर अगले 30 दिनों तक इस्लामाबाद में सभी सार्वजनिक परिवहन आम जनता के लिए फ्री रहेगा।"
पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने भी सरकारी सार्वजनिक परिवहन के किराए में वृद्धि की और ट्रकों और बसों के लिए "खास सब्सिडी" की घोषणा की।
मरियम नवाज शरीफ ने ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स से अपील की कि वे बढ़ी हुई लागत का बोझ आम लोगों पर न डालें। साथ ही उन्होंने कहा, "हम वादा करते हैं कि हालात सुधरते ही जनता को इस आर्थिक बोझ से जल्द से जल्द राहत देंगे।"
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची की प्रांतीय सरकार ने सिंध प्रांत में मोटरसाइकिल चालकों और छोटे किसानों के लिए इसी तरह की सब्सिडी की घोषणा की है।
बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध ने पूरे मिडिल ईस्ट को तनाव में डाल दिया है। ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी के कई ठिकानों को निशाना बनाया है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से आम तौर पर दुनिया की लगभग 5वीं ऊर्जा सप्लाई गुजरती है, जिसका अधिकांश हिस्सा एशिया की ओर जाता है।
पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की समस्या को देखते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत कई सरकारी दफ्तरों में अब सिर्फ 4 दिन काम होगा, स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और कुछ कक्षाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। यानी सरकार काम करने के तरीके में बदलाव करके खर्च कम करने और ईंधन बचाने की कोशिश कर रही है।
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान को निम्न-मध्यम आय वाले देश के रूप में बताया गया है, जिसकी लगभग 24 करोड़ आबादी में से 25% गरीबी में जीवन यापन कर रही है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने मार्च की शुरुआत में ईंधन की कीमतों में 20% की बढ़ोतरी की थी, लेकिन अब किमतों को कम कर दिया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार जोर दे रही है कि वह बढ़ी हुई कीमतों को स्वयं वहन करें और जनता को इससे राहत दे।
वहीं, गुरुवार को बांग्लादेश ने खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) और कुछ कारों में इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में 29% की बढ़ोतरी की।