Mount Etna Volcano explosion: यूरोप का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट एटना में 2 जून को विस्फोट हुआ। इस विस्फोट ने सिसिली के आसमान को रोशन कर दिया। इस विस्फोट से राख और धुएं के घने बादल कई किलोमीटर ऊपर हवा में फैल गए। आग की लपटों ने लोगों को चौंका दिया। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आसपास के निवासियों को कोई फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
कैटानिया हवाई अड्डे पर अस्थायी अलर्ट
ज्वालामुखी विस्फोट के कारण सिसिली के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक कैटानिया हवाई अड्डे पर अस्थायी अलर्ट जारी किया गया। ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से वहां की उड़ानें अप्रभावित ही रही। अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि दोपहर तक राख का बादल छंट गया था, जिससे यात्रियों और निवासियों दोनों को राहत मिली।
इटली के राष्ट्रीय भूभौतिकी और ज्वालामुखी विज्ञान संस्थान (INGV) के अनुसार, यह विस्फोट ज्वालामुखी के दक्षिण-पूर्वी क्रेटर में आंशिक ढहने के कारण हुआ। इस ढहने से पिघले हुए लावा की धाराएं निकलीं और यह हाल के महीनों में एटना की 14वीं बड़ी गतिविधि चरण को चिह्नित करता है।
सुरक्षा के तहत चोटी तक की चढ़ाई पर लगी रोक
सुरक्षा उपाय के रूप में एटना के चोटी तक की चढ़ाई को तुरंत रोक दिया गया। टूर ग्रुपों और हाइकर्स को प्रभावित एरिया से दूर रहने की सलाह दी गई है। आपातकालीन सेवाएं स्थिति पर नजर बनाए हुए है। INGV के वैज्ञानिक स्टेफानो ब्रांका ने कहा कि शिखर को पूरी तरह से एहतियात के तौर पर बंद किया गया है।
पर्यटकों ने शेयर किए जबरदस्त वीडियो
पर्यटकों द्वारा बनाए गए वीडियो में आसमान में धुएं के गुबार उठते हुए और लावा की धारा पहाड़ की ढलानों से नीचे बहती हुई दिखाई दे रही थीं। कुछ पर्यटक इलाके से जल्दी-जल्दी दूर भागते हुए देखे गए, हालांकि किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है।
पायरोक्लास्टिक विस्फोट से झुलसाने वाली गैसों, राख और चट्टान के टुकड़ों का मिश्रण निकला। इसने भूकंपीय गतिविधि में भी वृद्धि की, जिसमें एटना के किनारों पर कई गांवों में झटके महसूस किए गए। सिसिली के क्षेत्रीय अध्यक्ष, रेनाटो शिफानी ने पुष्टि की कि लावा का प्रवाह एटना की प्राकृतिक बाधाओं के भीतर ही रहा। उन्होंने एक प्रेस बयान में आश्वासन दिया, 'जनता को कोई खतरा नहीं है। लावा नियंत्रित है, और सभी प्रणालियां योजना के अनुसार काम कर रही हैं।'
अब जानिए माउंट एटना के बारे में
माउंट एटना इटली के सिसिली द्वीप पर स्थित यूरोप का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है। इसकी ऊंचाई लगातार बदलती रहती है, लेकिन यह लगभग 3,300 से 3,400 मीटर के बीच है। यह भूमध्य सागर का सबसे ऊंचा द्वीप पर्वत भी है। एटना का इतिहास लगभग 500,000 साल पुराना है, और इसके विस्फोटक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण कम से कम 2,700 वर्षों से किया गया है। यह एक स्ट्रैटोज्वालामुखी है, जो लावा, राख और चट्टानों की परतों से बना होता है। यह अक्सर फटता रहता है, और हाल ही में 2 जून 2025 को इसमें फिर से विस्फोट हुआ। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।