Tariff War: टैरिफ की लड़ाई और गहराती जा रही है। अमेरिका और चीन के बीच चल रही जंग की आंच तो बढ़ ही रही थी, अब हॉन्ग कॉन्ग के एक फैसले ने इसकी तपिश और बढ़ा दी है। हॉन्ग कॉन्ग ने ऐलान किया है कि अब वह अमेरिका से आने वाले या अमेरिका जाने वाले पार्सल को नहीं हैंडल करेगा। हॉन्ग कॉन्ग सरकार ने इसका ऐलान करते हुए पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान का जिक्र किया। ट्रंप ने पिछले हफ्ते 800 डॉलर से कम के पैकेज की अमेरिका में एंट्री पर मिलने वाली लंबे समय से चली आ रही छूट को खत्म करने का ऐलान किया था।
हॉन्ग कॉन्ग सरकार का कहना है कि अमेरिका अनुचित व्यवहार कर रहा है, धमकी दे रहा है और दुर्व्यवहारपूर्ण तरीके से टैरिफ लगा रहा है। सरकार ने अपने नागरिकों को अमेरिका के अनुचित और धमकाने वाली हरकतों के चलते अत्यधिक और अनुचित शुल्क का भुगतान करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
छोटे पार्सलों पर अमेरिका ने लगाया है इतना टैक्स
कुछ दिनों पहले अमेरिका ने उन छोटे पार्सल पर भी टैरिफ बढ़ा दिया, जिन पर अब तक टैक्स नहीं लगता था। अमेरिका ने 800 डॉलर तक की कीमत वाली वस्तुओं के आयात पर उनके मूल्य का 90% टैक्स लगाने का ऐलान किया। इससे पहले कीमत के हिसाब से 30% टैक्स लगाने की योजना थी। हालांकि इससे पहले पिछली सदी के 30 के दशक के एक नियम के तहत कम दाम वाली चीजों पर अमेरिका में एंट्री पर टैक्स नहीं लगता था।
डाक खर्च में अमेरिका ने कर दी बढ़ोतरी
टैरिफ के साथ-साथ अमेरिका ने डाक खर्च भी बढ़ा दिया। 2 मई से 1 जून के बीच अमेरिका पहुंचने वाले माल पर 25 डॉलर की पूर्व योजना की बजाय 75 डॉलर का डाक शुल्क लगेगा। 1 जून के बाद इस शुल्क को और बढ़ाया जाएगा। पहले इसे 50 डॉलर करने की योजना थी लेकिन अब इसे 150 डॉलर किया जाएगा।