अमेरिका ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा करने से पहले दोबारा सोचने की सलाह दी है। इसके पीछे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताएं बताई गई हैं, जिनमें अपराध, नागरिक अशांति, आतंकवाद और अपहरण का खतरा शामिल है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (US State Department) ने इस हफ्ते अपनी ट्रैवल एडवाइजरी अपडेट करते हुए पाकिस्तान को लेवल-3 की कैटेगरी में रखा है, जो आतंकवादी हमलों के ज्यादा खतरे को दर्शाता है।
अमेरिकी एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान में कभी भी कहीं भी अचानक आतंकी हमले हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, आमतौर पर निशाने पर रहने वाली जगहों में परिवहन केंद्र, होटल, बाजार, शॉपिंग मॉल, सैन्य और सुरक्षा ठिकाने, एयरपोर्ट, ट्रेन, स्कूल, अस्पताल, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल और सरकारी इमारतें शामिल हैं।
इसके अलावा, अमेरिका ने पाकिस्तान के कुछ इलाकों- खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों- को लेवल-4: यात्रा न करें की श्रेणी में रखा है। यह सबसे गंभीर चेतावनी मानी जाती है।
एडवाइजरी में अमेरिकियों से कहा गया है कि वे लेवल-4 वाले इलाकों में किसी भी कारण से यात्रा न करें। इसमें बताया गया है कि इन इलाकों में हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हैं, जिनका शिकार सरकारी अधिकारी और आम नागरिक भी बनते हैं। यह चेतावनी पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी लागू होती है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान में बिना अनुमति प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है और पहले भी ऐसे मामलों में अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। इसलिए ऐसे किसी भी प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही सोशल मीडिया को लेकर भी चेतावनी दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई पोस्ट पाकिस्तानी सरकार, सेना या अधिकारियों के खिलाफ मानी जाती है, तो उस पर हिरासत में लिए जाने का खतरा हो सकता है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अमेरिका ट्रैवल एडवाइजरी को कितने कैटेगरी में बांटता है?
अमेरिका चार लेवल में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है:
यह सबसे कम चेतावनी स्तर है। इसमें यात्रियों को कुछ जोखिमों के बारे में सतर्क किया जाता है।
जब सुरक्षा से जुड़ा खतरा बढ़ जाता है, तब यह चेतावनी जारी की जाती है।
गंभीर सुरक्षा जोखिम होने पर यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पर फिर से विचार करने की सलाह दी जाती है।
यह सबसे हाई अलर्ट लेवल है। इसमें यात्रा से पूरी तरह बचने की सख्त सलाह दी जाती है, क्योंकि आपात स्थिति में अमेरिकी सरकार मदद नहीं कर पाती।