TMC Crisis: तृणमूल में और बढ़ी अंदरूनी कलह! सायोनी घोष और माला रॉय समेत 20 बागी TMC सांसद पहुंचे दिल्ली, लोकसभा स्पीकर से करेंगे मुलाकात

TMC Crisis: सायोनी घोष और माला रॉय समेत बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं। सूत्रों ने बताया कि ये बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। बागी TMC सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया के मुताबिक, दोनों को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के लिए एक तारीख (15 जून) दी गई है

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 2:59 PM
TMC Crisis: टीएमसी के बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिल सकते हैं

TMC Crisis: संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से हाल में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक फेरबदल करने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सांसद सायोनी घोष को पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह युवा नेता अर्णब बनर्जी को नियुक्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब सायोनी घोष और माला रॉय समेत बागी टीएमसी सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं। सूत्रों ने बताया कि ये बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। बागी TMC सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया के मुताबिक, दोनों को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के लिए एक तारीख (15 जून) दी गई है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर सायोनी घोष से एक सवाल के जवाब में सिर्फ इतना कहा, "मैं अभी कुछ नहीं कहूंगी। सही समय आने पर ही बोलूंगी।" TMC सांसद शर्मिला सरकार और जून मालिया भी दिल्ली जाने के लिए कोलकाता एयरपोर्ट पर दिखाई दी हैं।

सूत्रों ने बताया कि TMC ने महिला संगठन तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी बदलाव किया है। कोलकाता दक्षिण से सांसद माला राय की जगह नदिया जिले के कालिगंज से विधायक अलीफा अहमद को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सायोनी घोष और माला राय दोनों को उन तृणमूल सांसदों के उस समूह का हिस्सा माना जा रहा है, जिन्होंने हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।


TMC में चल रही उथल-पुथल के बीच बागी सांसदों ने घोषणा की है कि वे सोमवार को ओम बिरला से मुलाकात कर एक पत्र सौंपेंगे, जिसमें उन्हें वास्तविक तृणमूल के रूप में मान्यता देने की मांग की जाएगी। यह घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद सामने आया है।

ममता के करीबी ने भी छोड़ा साथ

इस बीच, तृणमूल कांग्रेसके सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है। इससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब बंद्योपाध्याय ने यादव से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कथित तौर पर मुलाकात की।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर स्वयं को “मूल तृणमूल कांग्रेस’’ संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। बंद्योपाध्याय के इस कदम पर कोलकाता में टीएमसी के उन नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जो अभी भी पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा रखते हैं। बंद्योपाध्याय, सांसद शताब्दी रॉय के साथ दोपहर में राष्ट्रीय राजधानी के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित BJP नेता के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने बैठक की।

20 सांसदों ने खेला मोर्चा

यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में गहराते संकट के बीच सामने आया है, जहां बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि 19 लोकसभा सदस्य बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं। यदि बंद्योपाध्याय भी उनके साथ शामिल हो जाते हैं, तो बागी गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने घोषणा की है कि यह गुट, मान्यता मिलने के बाद, संसद में BJP-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देगा।

प्रतिष्ठित कोलकाता उत्तर सीट से लोकसभा सांसद बंद्योपाध्याय तृणमूल कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं और लंबे समय से उन्हें पार्टी नेतृत्व और दिल्ली की राजनीतिक व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखा जाता है। बंद्योपाध्याय के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता उत्तर के सांसद की सत्ता और पद की लालसा के कारण ही तृणमूल कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण नेताओं को BJP के हाथों खो दिया।

क्यों नाराज हैं बंद्योपाध्याय?

टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बंद्योपाध्याय के इस कदम से वह बहुत आहत हैं। रॉय ने कहा, "मैं क्या कर सकता हूं? मैंने सुदीप बंद्योपाध्याय से तीन-चार दिन पहले बात की थी। उन्होंने मुझ से कहा था कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर वह कुछ करेंगे तो हम साथ में करेंगे। लेकिन फिर वह यादव के आवास पर चले गए, जो पश्चिम बंगाल में 'ऑपरेशन लोटस' (टीएमसी को तोड़ने के कथित राजनीतिक प्रयासों) के प्रभारी हैं।"

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पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "कई लोग पहले भी छोड़ चुके हैं, सुदीप दा भी चले गए हैं। इसमें बड़ी बात क्या है? कुछ नहीं। लेकिन जब ये लोग चुनाव लड़ेंगे, तो जनता उन्हें सबक सिखाएगी। विपक्ष का काम देश की ओर से बोलना और सरकार की गलतियों को उजागर करना होता है। इस समय केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह तथा पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगों का उद्देश्य विपक्ष की ताकत को कम करना है।"

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