अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “जल्द से जल्द” खोल दिया जाए। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान इस वक्त “पतन की कगार” पर है। इसी बीच खबर है कि अमेरिका की सुरक्षा टीम ईरान के एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसमें जंग रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और न्यूक्लियर बातचीत को कुछ समय के लिए टालने की बात कही गई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर ऐसा दावा किया है- "ईरान ने हमें बताया है कि वहां हालात बहुत खराब हैं और देश लगभग टूटने की स्थिति में है। ईरान चाहता है कि अमेरिका जल्द से जल्द होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे, ताकि हालात संभाले जा सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी नेतृत्व से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रहा है और उन्हें भरोसा है कि वे ऐसा कर लेंगे।"
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि तेहरान, अमेरिका की उस मांग पर विचार कर रहा है जिसमें बातचीत फिर से शुरू करने की बात है।
ट्रंप एक बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं
इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय एक बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं- क्या ईरान पर नए सैन्य हमले किए जाएं या फिर अपनी “मैक्सिमम प्रेशर” (कड़े प्रतिबंध) नीति को जारी रखकर तेहरान को बातचीत के लिए मजबूर किया जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के करीबी सलाहकारों ने बताया कि वे दोनों विकल्पों पर सोच रहे हैं। ट्रंप ने एक सलाहकार से कहा कि “ईरान के नेता सिर्फ बमों की भाषा समझते हैं,” जिससे उनके सख्त रुख का अंदाजा लगता है।
हालांकि, इतनी सख्त बयानबाजी के बावजूद ट्रंप सीधे युद्ध की तरफ बढ़ने को लेकर सावधान हैं। उनके एक सलाहकार ने कहा कि ट्रंप इस स्थिति से परेशान जरूर हैं, लेकिन हकीकत को समझते हैं। वे ताकत का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, लेकिन पीछे हटने के मूड में भी नहीं हैं।
इस पूरे मामले से साफ है कि वॉशिंगटन के अंदर इस वक्त काफी असमंजस की स्थिति है। एक तरफ ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी सीमित नजर आ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।