मोजतबा खामेनेई से डर गए ट्रंप? ईरान के नए सुप्रीम लीडर को बताया 'स्मार्ट', सत्ता पलटने के दावे से पलटा अमेरिका

Donald Trump on Iran Regime Change: फरवरी में ट्रंप ने ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि यह उस देश के लिए 'सबसे अच्छी बात होगी'। यही नहीं, युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से अपने शासकों के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की थी और कहा था कि 'आपकी आजादी का वक्त करीब आ चुका है'

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 8:23 AM
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सरकार को हटाना कभी भी वाशिंगटन के एजेंडे का हिस्सा नहीं था

Donald Trump on Iran Regime Change: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि उनके प्रशासन का मकसद ईरान की हुकूमत को उखाड़ फेंकना था। फ्रांस में चल रहे जी7 शिखर सम्मेलन के इतर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ बातचीत में ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान की सरकार को हटाना कभी भी वाशिंगटन के एजेंडे का हिस्सा नहीं था।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा, 'आप शासन बदलने की बात करते हैं। मुझे कभी भी इसकी परवाह नहीं थी। यह कभी हमारे प्लान का हिस्सा नहीं था'।

पहले दिए थे भड़काऊ बयान, अब बदले सुर


अमेरिकी राष्ट्रपति का यह ताजा बयान उनके पिछले दावों से बिल्कुल उलट है, जिससे हर कोई हैरान है। इसी साल फरवरी में ट्रंप ने ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि यह उस देश के लिए 'सबसे अच्छी बात होगी'। यही नहीं, युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से अपने शासकों के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की थी और कहा था कि 'आपकी आजादी का वक्त करीब आ चुका है'। लेकिन अब शांति समझौता होने के बाद उनके सुर पूरी तरह बदल चुके हैं।

'ईरान के पहले और दूसरे ग्रुप के नेता अब जिंदा नहीं'

भले ही ट्रंप आधिकारिक तौर पर सत्ता पलटने की नीति से इनकार कर रहे हों, लेकिन उन्होंने यह जरूर माना कि इस जंग ने ईरान के नेतृत्व को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

युद्ध के दौरान मारे गए वरिष्ठ ईरानी नेताओं का जिक्र करते हुए ट्रंप ने अपने ही अंदाज में कहा, 'मुझे लगता है कि वहां एक तरह से शासन बदल ही गया है। पहला ग्रुप, वे सब मर चुके हैं। दूसरा ग्रुप, वे भी मारे गए। तीसरे ग्रुप का भी एक हिस्सा अब जा चुका है'।

मोजतबा खामेनेई के हाथों में कमान, ट्रंप ने बताया 'समझदार'

गौरतलब है कि युद्ध के शुरुआती दौर में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद वहां का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया था। इसके बाद ईरान की कमान खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई के हाथों में आ गई।

ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान का नया नेतृत्व पुराने नेताओं की तुलना में ज्यादा व्यावहारिक है। उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान के बीच भविष्य के रिश्तों को लेकर उम्मीद जताते हुए कहा, 'अब हम जिन लोगों से निपट रहे हैं, मुझे लगता है कि वे बहुत तर्कसंगत लोग हैं। उनके साथ डील करना अच्छा रहा। वे मजबूत और समझदार लोग हैं। मुझे लगता है कि वे पहले और दूसरे ग्रुप के नेताओं से ज्यादा स्मार्ट हैं, वे कट्टरपंथी नहीं हैं और अपने देश की मदद करना चाहते हैं'।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बहाल होगा ट्रैफिक

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ है। इस समझौते ने क्षेत्र में महीनों से चल रही जंग को खत्म कर दिया है। इस शांति समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसके जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार और ट्रैफिक को दोबारा सुरक्षित तरीके से बहाल करने का रास्ता साफ हो गया है। ट्रंप ने दावा किया कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी हद तक सामान्य हो गए हैं।

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