Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। ईरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी के बाद ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना अब व्यापारिक तेल टैंकरों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगी, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो। इससे पहले ईरान के IRGC ने ये ऐलान किया था कि होर्मुज से गुजरने वालों टैंकरों पर आग लगा दी जाएगी।
नौसेना करेगी तेल टैंकरों की सुरक्षा
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट को देखते हुए ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिकी नौसेना तुरंत टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी। उन्होंने कहा, 'चाहे कुछ भी हो जाए, अमेरिका दुनिया को ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।' राष्ट्रपति ने वाशिंगटन को आदेश दिया है कि वह कमर्शियल जहाजों के लिए बीमा की सुविधा भी प्रदान करे, ताकि डरे हुए जहाज मालिकों को सुरक्षा का अहसास हो।
'ईरान पहले हमला करने वाला था'
हमले के कारणों पर उठ रहे सवालों के बीच ट्रंप ने अपना बचाव किया है। ओवल ऑफिस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मेजबानी करते हुए उन्होंने कहा, 'उन्हें जानकारी मिली थी कि ईरान पहले हमला करने वाला था। मैंने नहीं चाहा कि ऐसा हो, इसलिए शायद मुझे इजरायल का साथ देना पड़ा।' ट्रंप के अनुसार, शनिवार से जारी हमलों में ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार सिस्टम लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
ईरान का भविष्य और न्यूक्लियर खतरा
ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर ट्रंप का रुख अभी भी धुंधला है। ट्रंप ने कहा कि जिनके नाम उनके दिमाग में नए नेतृत्व के लिए थे, वे अब मर चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अयातुल्ला खामेनेई का उत्तराधिकारी भी उतना ही बुरा हो सकता है।अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था, इसलिए हमला जरूरी था। ट्रंप ने अब किसी भी तरह की बातचीत की संभावना से इनकार कर दिया है।
यूरोपीय देशों को ट्रंप की दो टूक
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने तो इस युद्ध का समर्थन किया, लेकिन ट्रंप अन्य सहयोगियों से नाराज दिखे। ट्रंप ने स्पेन की वामपंथी सरकार को 'भयानक' बताते हुए धमकी दी कि अगर उन्होंने अपने बेस इस्तेमाल नहीं करने दिए, तो वे स्पेन के साथ सारा व्यापार बंद कर देंगे। वहीं ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम किसी विंस्टन चर्चिल के साथ काम नहीं कर रहे हैं।' शुरुआत में स्टार्मर ने ब्रिटिश बेसों के इस्तेमाल से मना किया था, हालांकि बाद में वे मान गए।
ट्रंप के इस ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट थमी है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं। दुनिया भर के देश अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या अमेरिकी नौसेना वास्तव में होर्मुज की खाड़ी में ईरान की मिसाइलों का सामना करते हुए टैंकरों को निकाल पाएगी।