Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है और अब वह इस क्षेत्र से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है।
युद्ध खत्म होने की संभावना से अमेरिकी शेयर बाजार S&P 500 और Nasdaq में बड़ा उछाल देखा गया। नैस्डैक 795 अंक (3.83%) और एसएंडपी-500 करीब 2.91% ऊपर बंद हुए। जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के इंडेक्स में भी तेजी आई, जिससे MSCI एशिया प्रशांत सूचकांक में 1.6% का उछाल दर्ज किया गया। तेल की कीमतें भी $101 प्रति बैरल से नीचे आ गई है। भारत का गिफ्ट निफ्टी 340 पॉइंट्स यानी 1.5% ऊपर है, यानी आज के मार्केट की शुरुआत जबरदस्त गैपअप के साथ होने की संभावना है।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का अंत करीब?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब ईरान में ज्यादा समय तक रुकने का कोई कारण नहीं देखता। ट्रंप के अनुसार, 'अगले दो हफ्ते, शायद तीन... हम वहां से निकल जाएंगे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका का काम ईरान की सैन्य शक्ति, विशेषकर उनकी नौसेना और मिसाइल बुनियादी ढांचे को 'पूरी तरह से नष्ट' करना था, जो लगभग पूरा हो चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समय सीमा के भीतर ईरान के साथ कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अगर वे टेबल पर नहीं आते, तो अमेरिका अपने हमले जारी रखेगा।
'अपना तेल खुद बचाओ': सहयोगियों पर भड़के ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने उन मित्र देशों NATO और अन्य सहयोगी के प्रति कड़ा गुस्सा जाहिर किया है जो 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को खुलवाने में अमेरिका की पर्याप्त मदद नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'आपको अपने लिए लड़ना सीखना होगा, अमेरिका अब आपकी मदद के लिए वहां नहीं रहेगा।' ट्रंप का मानना है कि होर्मुज के बंद होने से एशिया और यूरोप ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि अमेरिका अब मिडिल ईस्ट के तेल पर उतना निर्भर नहीं है। उन्होंने दोटूक कहा, 'जाओ और अपना तेल खुद सुरक्षित करो।'
क्या बिना होर्मुज खुले ही खत्म होगा युद्ध?
एक बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रूट होर्मुज को खोले बिना ही अमेरिका पीछे हट जाएगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि होर्मुज को पूरी तरह खोलना अब शायद युद्ध खत्म करने की अनिवार्य शर्त नहीं रह गई है। अगर अमेरिका बिना रास्ता साफ कराए निकल जाता है, तो ईरान इस पर अपना दावा और मजबूत कर सकता है, जिससे भविष्य में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अस्थिरता बनी रहेगी।
राजनीतिक और आर्थिक दबाव के कारण पीछे हटे ट्रंप
ट्रंप का यह फैसला घरेलू मोर्चे पर बढ़ते दबाव का नतीजा भी माना जा रहा है। नवंबर में होने वाले मिडिल टर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का डर सता रहा है। युद्ध के कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें $4 प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं, जिससे आम जनता में नाराजगी है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वह कोई नया युद्ध शुरू नहीं करेंगे, इसलिए वह इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं।