ट्रंप-जेलेंस्की की फ्लोरिडा में हुई ऐतिहासिक मुलाकात, 'पीस डील' का 95% समझौता तैयार; लेकिन पुतिन की 'ना' ने फंसाया पेंच

Trump-Zelenskyy Meeting: जब फ्लोरिडा में दोनों क बीच शांति को लेकर बातें हो रही थीं, ठीक उसी समय रूस, यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमले कर रहा था। जेलेंस्की का मानना है कि पुतिन ये हमले इसलिए कर रहे हैं ताकि बातचीत की मेज पर रूस का पलड़ा भारी रहे

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 9:32 AM
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जेलेंस्की ने बताया कि शांति समझौते का लगभग 90-95% हिस्सा तैयार है। सुरक्षा गारंटी और सैन्य प्रावधानों पर दोनों पक्ष 100% सहमत हैं

Trump-Zelenskyy Meet: फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में रविवार को ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात पर दुनिया की टिकी हुई थी। इस बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का शांति समझौता 90-95% तक पूरा हो चुका है। हालांकि, इस 'डील' के करीब पहुंचने के बावजूद कुछ ऐसे जटिल मुद्दों पर सहमति बनना अभी भी बाकी है, जो शांति की राह में रोड़ा बने हुए है। सबसे बड़ी बाधा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का वह रुख है, जिसमें उन्होंने 'जनमत संग्रह' के लिए युद्धविराम करने से साफ इनकार कर दिया है।

यूक्रेन शांति वार्ता के 5 बड़े अपडेट

1. 20-सूत्रीय शांति योजना: जेलेंस्की ने बताया कि शांति समझौते का लगभग 90-95% हिस्सा तैयार है। सुरक्षा गारंटी और सैन्य प्रावधानों पर दोनों पक्ष 100% सहमत हैं। यह समझौता जनवरी 2026 तक फाइनल हो सकता है।


2. युद्धविराम पर पुतिन का वीटो: जेलेंस्की चाहते हैं कि क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने के लिए प्रभावित इलाकों में जनमत संग्रह कराया जाए, जिसके लिए एक अस्थायी युद्धविराम जरूरी है। लेकिन ट्रंप ने बताया कि पुतिन इसके लिए तैयार नहीं हैं। क्रेमलिन का मानना है कि युद्धविराम का इस्तेमाल यूक्रेन अपनी सेना को फिर से मजबूत करने के लिए करेगा।

3. ट्रंप-पुतिन की 'सीक्रेट' कॉल: जेलेंस्की से मिलने से ठीक पहले ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की। ट्रंप ने पत्रकारों से यहां तक कह दिया कि 'पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन एक सफल देश बने और वे कम कीमतों पर ऊर्जा-बिजली देने जैसे विषयों पर भी उदार थे।'

4. डोनबास पर फंसा पेंच: समझौते में सबसे बड़ा विवाद डोनबास क्षेत्र को लेकर है। रूस इसे अपना हिस्सा मानता है, जबकि यूक्रेन अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं। ट्रंप ने इसे एक 'जटिल मुद्दा' बताया, लेकिन उम्मीद जताई कि कुछ हफ्तों में इसका समाधान निकल आएगा।

5. बंद कमरे में बैठक: मार-ए-लागो में बैठक शुरू होने से पहले ट्रंप ने मीडिया को बाहर जाने का निर्देश दिया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने बेहद गोपनीय तरीके से आगे की रणनीति पर चर्चा की।

हैरानी की बात यह है कि जब फ्लोरिडा में शांति की बातें हो रही थीं, ठीक उसी समय रूस, यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमले कर रहा था। जेलेंस्की का मानना है कि पुतिन ये हमले इसलिए कर रहे हैं ताकि बातचीत की मेज पर रूस का पलड़ा भारी रहे।

क्या 2026 में खत्म होगी जंग?

ट्रंप का मानना है कि यह डील आने वाले हफ्तों में हो सकती है, जबकि जेलेंस्की ने जनवरी 2026 का लक्ष्य रखा है। यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी मिल चुकी है, लेकिन जमीन के बंटवारे का मुद्दा अभी भी बारूद के ढेर पर बैठा है। फिलहाल दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने मोर्चों पर गोलीबारी जारी है और कई इलाकों में स्थिति अभी भी बहुत खराब बनी हुई है।

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