US attack Indian ship: भारतीय नाविकों को ले जा रहे MT जलवीर (MT Jalveer) को ओमान तट पर निशाना बनाया गया है। भारतीय दूतावास ने गुरुवार (11 जून) को कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह हमला किसने किया है अभी यह साफ नहीं हो पाया है। MT जलवीर एक कमर्शियल जहाज है। ओमान तट पर हमला हुआ है, जिसमें भारतीय नाविकों के होने की खबर है। भारत ने इस हमला कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास यह तीसरा जहाज है जिस पर हमला हुआ है। इन जहाजों पर भारतीय मौजूद थे। इससे पहले, तीन दिनों के अंदर ओमान के तट पर भारतीयों को ले जा रहे दो लगातार जहाजों पर हमला हो चुका है। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ओमान में भारतीय दूतावास ने गुरुवार (11 जून) को कहा, "हमें आज सुबह ओमान के शिनास पोर्ट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं और ज़्यादा जानकारी के लिए लोकल अधिकारियों से बात कर रहे हैं।"
US हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत
इस बीच, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद लापता बताए जा रहे तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने तेल टैंकर 'MT सेटेबेलो' पर हमला तब किया, जब उसने ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बाहर अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकेबंदी (blockade) का उल्लंघन करने की कोशिश की।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत की गुरुवार को पुष्टि कर दी। उन्होंने बताया कि शव बरामद कर उनकी पहचान कर ली गई है। पहले इन नाविकों को लापता बताया गया था। सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पलाऊ के ध्वज वाले एमटी सेटेबेलो जहाज पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है।
उन्होंने आगे कहा, "दुर्भाग्यवश, जिन तीन भारतीय नाविकों को पहले लापता बताया गया था। उनके शव अब बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान कर ली गई है।" मंत्री ने कहा कि यह हमारे समुद्री परिवार के लिए गहरा आघात और अपूरणीय क्षति है।
मंत्री ने कहा, "इस कठिन समय में मोदी सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए चालक दल के सदस्यों को तत्काल भारत वापस लाने और नाविकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए शीघ्र स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए।
भारत ने की जहाज पर हमले की निंदा
भारत ने बुधवार 10 जून को अमेरिकी दूतावास के अधिकारी को तलब किया था। इस दौरान ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले एक कमर्शियल पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
कमर्शियल पोत सेटेबेलो पर यह हमला तब हुआ, जब इसके दो दिन पहले ही पलाऊ के झंडे वाले एक जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। इसमें 24 भारतीय सवार थे। यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।
जहाज पर हमले के बाद 21 क्रू सदस्यों को बचा लिया गया। जबकि लापता हुए तीन जवानों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सेटेबेलो पर हमले की यह घटना 'मैरीवेक्स' नाम के जहाज पर हुए हमले के ठीक दो दिन बाद हुई है। अमेरिका ने पिछले तीन दिनों में दो भारतीय जहाजों पर हमला किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था। उसने कहा कि इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।