ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार और शुक्रवार की रात दोनों देशों के बीच समुद्र में भारी सैन्य टकराव हुआ, जबकि 8 अप्रैल से युद्धविराम लागू था। ईरान के होर्मोजगान प्रांत के अधिकारी मोहम्मद रादमेहर ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ईरानी मालवाहक जहाज को निशाना बनया गया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई।
ईरानी मीडिया के मुताबिक इस घटना में 10 नाविक घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 5 अन्य नाविक लापता बताए जा रहे हैं। राहत और खोजी टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज को सीधे निशाना बनाया गया था या वह हमले की चपेट में आ गया।
दूसरी तरफ अमेरिकी सेना के US सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ईरानी सेना ने रातभर तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमला करने की कोशिश की। अमेरिका के अनुसार उसके किसी जहाज को नुकसान नहीं हुआ और अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने पहले एक ईरानी तेल टैंकर और दूसरे जहाज को निशाना बनाया था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। यह टकराव होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास हुआ, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।
ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और सीजफायर दोनों का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सेना ने “दुश्मन को बड़ा जवाब” दिया और पूरी ताकत से हमले को नाकाम किया।
इस ताजा संघर्ष के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच हालात नहीं संभले, तो इसका असर वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।