आज होने वाली अमेरिका-ईरान महाडील में क्या है? वो 3 बड़े पॉइंट्स जिससे बदल जाएगी मिडिल ईस्ट की पूरी तस्वीर!
US Iran Peace Deal: ट्रंप और मध्यस्थता करा रहे पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए आज ही एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इस शांति समझौते के लिए पिछले 3 महीनों से पाकिस्तान, कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देश लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे थे
इस शांति समझौते के तहत एक 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' पर वर्चुअली हस्ताक्षर होने की उम्मीद है
US Iran Peace Deal Update: मिडिल ईस्ट में महीनों से जारी भीषण तनाव और युद्ध को खत्म करने के लिए आज यानी रविवार, 14 जून का दिन बेहद ऐतिहासिक साबित हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मध्यस्थता करा रहे पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए आज ही एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
इस शांति समझौते के लिए पिछले 3 महीनों से पाकिस्तान, कतर, मिस्र और तुर्की जैसे देश लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे थे। हालांकि, ईरान ने इस टाइमलाइन को लेकर थोड़ा सतर्क रुख जरूर अपनाया है, लेकिन वैश्विक बाजारों और रक्षा विशेषज्ञों की नजरें इस महाडील पर टिकी हैं। आइए समझते हैं कि आज होने वाली इस ऐतिहासिक डील में क्या-क्या है और इससे दुनिया कितनी बदलेगी।
महाडील में क्या-क्या है?
इस शांति समझौते के तहत एक 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) पर वर्चुअली हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस डील के प्रमुख बिंदु ये हैं:
60 दिनों के लिए बढ़ेगा सीजफायर: अप्रैल की शुरुआत से ही अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच एक सीजफायर लागू है। इस नई डील के जरिए सीजफायर को अगले 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तुरंत खुलेगा: युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण कर लिया था, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई ठप हो गई थी। इस डील के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग जहाजों की आवाजाही के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का रास्ता साफ: यह समझौता भविष्य में ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों के बीच आगे की गंभीर चर्चा का रास्ता तैयार करेगा।
'समझौता होते ही सबके लिए खुल जाएगा रास्ता'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस डील को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'डील पर रविवार को हस्ताक्षर होने तय हैं और साइन होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत सबके लिए खुल जाएगा'। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान के रिश्ते पिछले राष्ट्रपतियों के राष्ट्रकाल की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर और अलग हैं।
कैसे होगी यह डील? पाकिस्तान और कतर की बड़ी भूमिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि सीधे मिलने के बजाय मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर के साथ एक वर्चुअल मीटिंग में शामिल होंगे। इसी ऑनलाइन बैठक के दौरान इस एमओयू पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन किए जाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि अगले 24 घंटों में इस डील को फाइनल कर लिया जाएगा, जिसके बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी। ब्रिटिश और फ्रांसीसी सेनाएं इस समुद्री रास्ते से बारूदी माइंस हटाने में मदद करेंगी ताकि जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सके।
न्यूक्लियर मुद्दे पर अभी भी फंसा है पेंच?
इस पूरी महाडील में सबसे संवेदनशील मुद्दा ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह समझौता सिर्फ युद्ध रोकने और सीजफायर बढ़ाने पर केंद्रित है। इस स्टेज पर न्यूक्लियर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।
दूसरी ओर, ट्रंप ने साफ कहा है कि जब सब शांत हो जाएगा, तो हम जाकर न्यूक्लियर डस्ट को नष्ट कर देंगे, चाहे वह ईरान में हो या अमेरिका में। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इस डील को लागू करने में देरी हुई, तो सैन्य विकल्प हमेशा खुले हैं।
दुनिया पर इस डील का क्या असर होगा?
कच्चे तेल की कीमतें गिरेंगी: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पूरी दुनिया के कच्चे तेल और नेचुरल गैस की सप्लाई होती है। इसके खुलते ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें गिरेंगी, जिससे भारत सहित दुनिया भर के देशों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।
मिडिल ईस्ट में शांति: पिछले कई हफ्तों से जारी खून-खराबे और तनाव पर लगाम लगेगी, जिससे ग्लोबल इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
G7 समिट में होगी आगे की चर्चा: ट्रंप आगामी G7 शिखर सम्मेलन में मिस्र, कतर और यूएई के नेताओं के साथ मिलकर इस सीजफायर को स्थायी बनाने और युद्ध के बाद की क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ी चर्चा करने वाले हैं।