'कभी बमबारी तो कभी बातचीत', ट्रंप के बयानों ने दुनिया को जम के उलझाया, मार्केट में भी मची खूब उथल-पुथल

US Iran War Updates: एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के बयानों और धरातल की हकीकत में बहुत बड़ा अंतर है। जंग के मैदान में बमबारी, आर्थिक नाकेबंदी और शांति वार्ता के प्रस्ताव... ट्रंप ये सब एक साथ कर रहे हैं और कई बार तो यह भी दावा कर चुके हैं कि युद्ध खत्म हो चुका है। लेकिन वाकई में जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं है

अपडेटेड May 27, 2026 पर 9:13 AM
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समझिए 'बिना शर्त सरेंडर' से 'बेहतरीन बातचीत' तक, कैसे बदले ट्रंप के सुर?

Trump on US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध इस समय बेहद अहम मोड़ पर है। लेकिन इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी बयानों ने पूरी दुनिया के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट को भी भारी कन्फ्यूजन में डाल दिया है। पिछले वीकेंड पर राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता फाइनल होने के बेहद करीब है। लेकिन इस दावे के ठीक बाद सोमवार को अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हवाई हमले कर दिए, जिसने उनके अपने ही बयान को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के बयानों और धरातल की हकीकत में बहुत बड़ा अंतर है। जंग के मैदान में बमबारी, आर्थिक नाकेबंदी और शांति वार्ता के प्रस्ताव... ट्रंप ये सब एक साथ कर रहे हैं और कई बार तो यह भी दावा कर चुके हैं कि युद्ध खत्म हो चुका है।

'बिना शर्त सरेंडर' से 'बेहतरीन बातचीत' तक, कैसे बदले ट्रंप के सुर?


मार्च के महीने में ट्रंप के बयानों ने शेयर बाजार और कच्चे तेल की कीमतों को जमकर नचाया। 6 मार्च को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान के साथ 'बिना शर्त सरेंडर' के अलावा कोई डील नहीं होगी!'

13 मार्च को उन्होंने दावा किया, 'ईरान पूरी तरह से हार चुका है और वह खुद डील चाहता है।'

23 मार्च को अचानक सुर बदलते हुए ट्रंप ने लिखा कि ईरान के साथ 'बेहद अच्छी और रचनात्मक बातचीत' चल रही है। उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया कि अगले 5 दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला न किया जाए।

बयानों से घूमा मार्केट, 100 डॉलर के नीचे आया ब्रेंट क्रूड

ट्रंप के बयानों का असर सीधे ग्लोबल मार्केट और तेल की कीमतों पर देखने को मिला:

कच्चे तेल में गिरावट: जब ट्रंप ने शांति के संकेत दिए, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ा और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड दो हफ्ते में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।

ईरान ने बताया फेक न्यूज: ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने ट्रंप के इन दावों को खारिज करते हुए एक्स पर लिखा कि 'यह अमेरिकी और इजरायली दलदल से बचने और फाइनेंशियल व तेल बाजारों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही 'फेक न्यूज' है।'

फिर दी धमकी: 30 मार्च को ट्रंप ने फिर पासा पलटा और धमकी दी कि अगर ईरान ने 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' को तुरंत नहीं खोला, तो वे उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे, जिसके बाद शेयर बाजार इस साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

पहले तबाही की धमकी दी और फिर किया सीजफायर का ऐलान

अप्रैल की शुरुआत में ट्रंप के बयानों में आक्रामकता और कूटनीति का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिला:

4 अप्रैल: ट्रंप ने अल्टीमेटम दिया, 'समय खत्म हो रहा है, 48 घंटे में उन पर तबाही टूटने वाली है।'

7 अप्रैल की रात: उन्होंने अब तक की सबसे भयानक धमकी देते हुए कहा, 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जो कभी वापस नहीं आएगी।'

अचानक युद्धविराम: लेकिन इसी नाटकीय धमकी के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर सबको चौंका दिया।

हालांकि, यह सीजफायर भी कामयाब नहीं रहा। तेहरान ने आरोप लगाया कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में जारी जंग इस समझौते का उल्लंघन है और उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद ही रखा, जहां से दुनिया की 20% तेल-गैस सप्लाई गुजरती है। इसके बाद 11 अप्रैल को बातचीत टूटने पर ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया।

मई में भी जारी रहा यू-टर्न का सिलसिला

मई के महीने में भी डोनाल्ड ट्रंप के यू-टर्न लेने का सिलसिला थमा नहीं है:

3 मई: ट्रंप ने लिखा कि मेरे प्रतिनिधि बहुत पॉजिटिव बातचीत कर रहे हैं।

10 मई: ईरान ने अपनी पुरानी कड़क शर्तों के साथ एक पत्र भेजा, जिसे ट्रंप ने 'कचरे का टुकड़ा' बताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- 'पूरी तरह से अस्वीकार्य!'

18 मई: उन्होंने फिर धमकी दी, 'हम कल एक बहुत बड़ा हमला करने वाले थे, लेकिन बातचीत की वजह से मैंने इसे टाल दिया।'

23-25 मई: मेमोरियल डे वीकेंड पर उनका टोन फिर बदला और उन्होंने कहा कि अंतिम दौर की बातचीत चल रही है। साथ ही यह भी जोड़ दिया कि 'यह या तो एक बेहतरीन डील होगी, या फिर कोई डील नहीं होगी।'

ताजा स्थिति ये है कि इस हफ्ते सोमवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं और ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 'जंग' फिर से शुरू हो सकती है। हालांकि, इन ताजा हमलों के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है।

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