राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि ईरान के नए नेता ने अमेरिका से सीजफायर (युद्धविराम) की मांग की है। हालांकि, ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका इस पर तभी विचार करेगा, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के हो जाएगा।
उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, "ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति- जो अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कम कट्टरपंथी और कहीं ज्यादा बुद्धिमान हैं, उन्होंने ने अभी-अभी अमेरिका से 'युद्धविराम' का अनुरोध किया है!"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, "हम इस पर तभी विचार करेंगे, जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) पूरी तरह से खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित हो जाएगा। तब तक, हम ईरान को पूरी तरह से तबाह कर देंगे या जैसा कि कहा जाता है- उसे वापस 'पाषाण युग' (Stone Ages) में धकेल देंगे!!!"
हालांकि, इससे पहले भी ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें अभी तक दिए गए प्रस्ताव “काफी मजबूत” नहीं लगे, इसलिए उन्होंने सीजफायर से इनकार किया था।
ईरान ने ठुकराया 'युद्धविराम का प्रस्ताव'!
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि उनका देश फिलहाल पीछे हटने वाला नहीं है और लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान को धमकियों या डेडलाइन की भाषा में बात करना मंजूर नहीं है। उनका कहना था, “हम अपनी रक्षा के लिए कोई समय सीमा तय नहीं करते।”
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी अमेरिका के मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ से सीधे बात होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच कोई बातचीत चल रही है। अराघची ने साफ कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ बातचीत से कोई खास उम्मीद नहीं है और दोनों देशों के बीच भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है।
जब उनसे पूछा गया कि अगर अमेरिका जमीन पर हमला करता है तो क्या होगा, तो उन्होंने जवाब दिया- “हम उनका इंतजार कर रहे हैं।” उनका कहना था कि ईरान अपनी रक्षा करना अच्छी तरह जानता है और अगर जंग जमीन पर होती है तो वे और बेहतर तरीके से जवाब देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए।
जंग खत्म करने के सवाल पर भी उनका रुख साफ रहा। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी हालत में युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा और उसकी शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं।
कुछ समय पहले यह भी खबर आई थी कि संभावित बातचीत को मौका देने के लिए मोहम्मद बागेर गालिबफ और अराघची का नाम इजरायल की हिट लिस्ट से अस्थायी रूप से हटा दिया गया था। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए, अभी शांति की उम्मीद काफी कम नजर आ रही है।