US-Iran War News: मार्केट को 'मैनिपुलेट' कर रहा अमेरिका? ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप सरकार पर लगाया फर्जी खबर फैलाने का आरोप

Israel-US Iran War: ईरान ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चेतावनी जारी की है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 8:33 AM
Story continues below Advertisement
Israel-US Iran War: ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज को लेकर फर्जी दावों के जरिए बाजारों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है

Israel-US Iran War: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार (11 मार्च) को अमेरिका पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गतिविधियों के बारे में फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका फर्जी खबरों के जरिए ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में हेरफेर करने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, ईरान का दावा है कि मंगलवार (10 मार्च) को अमेरिका के ऊर्जा मंत्री ने कथित तौर पर एक झूठ पोस्ट कर दिया कि एक अमेरिकी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आराम से निकल गया। इससे मार्केट बहुत ऊपर गया और तेल के दाम भी गिर गए।

हालांकि उन्होंने बाद में अपना पोस्ट डिलीट कर निकल गए। इसी को लेकर ईराना ने आरोप लगाया है कि ट्रंप सरकार के अधिकारी अपने फायदे के लिए मार्केट को मैनिपुलेट कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने X पर लिखा, "अमेरिकी अधिकारी बाजारों में हेरफेर करने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं। इससे वे उस महंगाई की सुनामी से खुद को नहीं बचा पाएंगे, जो उन्होंने अमेरिकी लोगों पर थोपी है।"

उन्होंने अमेरिका को गंभीर आर्थिक परिणामों की चेतावनी देते हुए आगे कहा, "बाजार इतिहास की सबसे बड़ी कमी का सामना कर रहे हैं।" होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।


ईरानी सेना की धमकी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनरल ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, "ईरानी सेना… अगली सूचना तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके सहयोगियों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। तेल और गैस की कीमतों को कम करने और कंट्रोल करने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी।"

जनरल ने कहा कि दुनिया में तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है। अमेरिका को इंतजार करना पड़ेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। अधिकारी के मुताबिक एनर्जी मार्केट पहले से ही अस्थिर हो चुका है और ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की ओर से हार का ऐलान नहीं हो जाता।

अमेरिकी की ईरान को धमकी

'व्हाइट हाउस' ने कहा है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अमेरिका ने साफ किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित करने की अनुमति नहीं देंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का एक मुख्य लक्ष्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की आपूर्ति लगातार जारी रहनी चाहिए, ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को उनकी ऊर्जा जरूरतें मिलती रहें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान इस अहम समुद्री रास्ते को बंद करने की कोशिश करता है, तो उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। लेविट ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल या सामान की आवाजाही रोकने की कोशिश करता है, तो दुनिया की सबसे ताकतवर सेना उसे अब तक से भी कई गुना ज्यादा सख्त जवाब देगी।

उन्होंने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी चेकपॉइंट्स में से एक है, जहां से दुनिया भर में तेल शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा जाता है। वहाँ कोई भी रुकावट तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा सकती है और इंटरनेशनल मार्केट को अस्थिर कर सकती है।" लेविट ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन को पहले से अंदेशा था कि ईरान संघर्ष के दौरान ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से सरकार ने पहले से कई सुरक्षा कदम तैयार कर रखे हैं।

अब अमेरिका का क्या है प्लान?

लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को पूरी उम्मीद थी कि ईरान की सरकार वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी। इन तैयारियों के तहत अमेरिकी प्रशासन ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाए हैं। लेविट के मुताबिक, अब तक ट्रंप प्रशासन ने खाड़ी में काम करने वाले टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा देने की पेशकश की है। इसके अलावा संकट के दौरान तेल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए अमेरिकी सरकार ने कुछ नियमों में अस्थायी राहत भी दी है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से ढील दी है। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने के लिए उनके साथ चल सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए आगे के कदमों पर भी लगातार विचार कर रहा है। लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत भी कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें- एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की बात, युद्ध शुरू होने के बाद तीसरी बार किया फोन

साथ ही अमेरिकी सेना को भी निर्देश दिए गए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अतिरिक्त विकल्प तैयार किए जाएं। व्हाइट हाउस ने बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर चिंतित अमेरिकी नागरिकों को भी भरोसा दिलाने की कोशिश की है। लेविट ने कहा कि हाल के दिनों में तेल और गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, वह अस्थायी है। उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य अभियान के लंबे समय में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और ईंधन की कीमतें कम हो सकती हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।