US Iran War News: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को कई माध्यमों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है। हालांकि, ईरानी नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद भी बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। CNN से बातचीत में रुबियो ने कहा, "हमें कई चैनलों के जरिए ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वहां की सत्ता और नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे को लेकर विभाजन भी बढ़ रहा है।"
सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीति के संकेत
रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य हमले जारी हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।
इससे पहले भी रुबियो ने आरोप लगाया था कि ईरान क्षेत्रीय संघर्ष में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने अन्य देशों से भी वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी की सुरक्षा के लिए अधिक सहयोग देने की अपील की।
दुनिया के देशों से सहयोग की अपील
फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका समुद्री रूट्स की सुरक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। लेकिन अन्य देशों को भी उपकरण, संसाधन और आर्थिक सहयोग देकर इस जिम्मेदारी में भागीदारी करनी चाहिए।
लगातार नौवीं रात अमेरिकी हमले
ईरान पर अमेरिकी हमलों का सिलसिला लगातार नौवीं रात भी जारी रहा। ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई धमाके हुए। इसके अलावा मौजूदा अभियान के दौरान पहली बार उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज (Tabriz) में भी विस्फोटों की खबर सामने आई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य अभियान का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है।
ट्रंप बोले- फिर किया जोरदार हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा हमलों के बाद कहा कि यह कार्रवाई उन तीन महान देशभक्तों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। 'फीफा क्लब विश्व कप' फाइनल से वॉशिंगटन लौटने के बाद ट्रंप ने कहा, "हमने आज रात फिर उन पर बहुत जोरदार हमला किया।"
बातचीत का रास्ता अब भी खुला
हालांकि, सैन्य संघर्ष लगातार तेज हो रहा है, लेकिन मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं, और यदि ईरान वार्ता के लिए आगे आता है तो अमेरिका उस विकल्प पर भी विचार करने को तैयार है।