US Iran War: ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका में बंटी राय, ज्यादातर लोग ट्रंप के एक्शन से नाराज

यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ ही महीनों में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह मुद्दा चुनाव में बड़ा सवाल बन सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार में शांति का वादा किया था और कहा था कि उन्होंने कई युद्ध खत्म किए। लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है और जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सैनिक भी जमीन पर उतर सकते हैं

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 5:53 PM
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US Iran War: ज्यादातर अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर किए गए हमलों से खुश नहीं हैं

अमेरिका में किए गए ताजा सर्वे बताते हैं कि ज्यादातर अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर किए गए हमलों से खुश नहीं हैं। शुरुआती पोल में सामने आया है कि लोग इस सैन्य कार्रवाई को सही नहीं मान रहे हैं। Reuters/Ipsos के सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 27% अमेरिकियों ने अमेरिका-इजराइल की बमबारी का समर्थन किया, जबकि 43% लोगों ने इसका विरोध किया। यह सर्वे उस समय किया गया था, जब ईरान के जवाबी हमलों में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर सामने नहीं आई थी।

यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ ही महीनों में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह मुद्दा चुनाव में बड़ा सवाल बन सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार में शांति का वादा किया था और कहा था कि उन्होंने कई युद्ध खत्म किए। लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है और जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सैनिक भी जमीन पर उतर सकते हैं।

डेमोक्रेट्स का हमला


संसद की विदेशी मामलों की समिति के डेमोक्रेट नेताओं ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का वादा किया था, लेकिन अब उन्होंने आधुनिक अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा युद्ध शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि आम जनता को सस्ती हेल्थकेयर और रोज़मर्रा की जरूरतों की चिंता है, लेकिन सरकार अरबों डॉलर युद्ध पर खर्च कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने पद संभालने के बाद से सात देशों पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को भी हाल की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की कार्रवाई की थी।

ट्रंप का जवाब

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन सर्वे को ज्यादा महत्व नहीं दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है पोल अच्छे हैं, लेकिन वे पोल की परवाह नहीं करते। उनके मुताबिक, “मुझे सही काम करना है। ईरान जैसे देश को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जा सकते।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि असली समर्थन “साइलेंट मेजॉरिटी” यानी चुप रहने वाली बहुसंख्या का है।

पार्टी के हिसाब से बंटी राय

CNN के एक सर्वे के अनुसार, करीब 59% अमेरिकियों ने ईरान पर हमले को गलत बताया, जबकि 41% ने समर्थन किया।

लेकिन पार्टी के आधार पर मत अलग-अलग हैं:

  • 80% से ज्यादा डेमोक्रेट्स ने हमले का विरोध किया।
  • सिर्फ 23% रिपब्लिकन ने असहमति जताई, जबकि 77% ने समर्थन किया।
  • निर्दलीय मतदाताओं में 68% ने हमले का विरोध किया।

The Washington Post के एक दूसरे सर्वे में भी ऐसा ही रुझान दिखा। कुल मिलाकर 52% लोगों ने हमले को गलत बताया, जबकि 39% ने समर्थन किया।

सड़कों पर भी दिखा असर

अमेरिका के कई बड़े शहरों जैसे अटलांटा, बोस्टन, शिकागो, लॉस एंजेलिस और न्यूयॉर्क में लोग सड़कों पर उतरकर युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर जश्न भी मना रहे हैं।

कुल मिलाकर, ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। ज्यादातर लोग इस कदम से सहमत नहीं हैं, लेकिन रिपब्लिकन समर्थकों का बड़ा वर्ग राष्ट्रपति के साथ खड़ा है। आने वाले चुनाव में यह मुद्दा अहम भूमिका निभा सकता है।

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