पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वो फिलहाल युद्धविराम के पक्ष में नहीं है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने कहा है कि जब तक “हमलावर” को सजा नहीं मिलती, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखते हुए कहा कि ईरान किसी भी हाल में अभी युद्धविराम नहीं चाहता। उनका कहना था कि जिसने हमला किया है, उसे ऐसा जवाब दिया जाएगा कि वो दोबारा ईरान पर हमला करने के बारे में सोच भी न सके।
ईरानी संसद के स्पीकर ने लिखा, "हम बिलकुल भी युद्धविराम की मांग नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हमलावर के मुंह पर एक जोरदार घूंसा मारा जाना चाहिए ताकि उसे सबक मिले और वो फिर कभी हमारे प्यारे ईरान पर हमला करने के बारे में न सोचे।"
कालीबाफ ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वो जानबूझकर युद्ध, बातचीत और फिर युद्ध के चक्र को बनाए रखता है, ताकि क्षेत्र में अपनी ताकत और प्रभाव बनाए रख सके।
उन्होंने कहा कि इजरायल की रणनीति ही ऐसी है कि पहले युद्ध होता है, फिर बातचीत होती है, फिर युद्धविराम और उसके बाद फिर से लड़ाई शुरू हो जाती है। ईरान इस चक्र को तोड़ना चाहता है।
ट्रंप ने जताई युद्ध खत्म होने की उम्मीद
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।
सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अपने बड़े लक्ष्य हासिल कर चुका है और उन्हें लगता है कि लड़ाई जल्द खत्म हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह जरूरी नहीं कि युद्ध कुछ ही दिनों में खत्म हो जाए।
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई
अमेरिका इस संघर्ष में इजरायल का समर्थन कर रहा है और ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले भी कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और उसके क्षेत्रीय सैन्य नेटवर्क को कमजोर करना है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी
इस बीच ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है। ईरान ने इजरायल के कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और वैश्विक तेल सप्लाई से जुड़े समुद्री मार्गों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है।
युद्ध कब खत्म होगा, अभी साफ नहीं
जहां अमेरिका का कहना है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, वहीं ईरान के बयान से लगता है कि तनाव और बढ़ सकता है।
दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान इस बात को दिखाते हैं कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह संघर्ष कितने समय तक चलेगा। हालांकि दोनों ही पक्ष आगे भी लड़ाई के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।