US President Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। वाशिंगटन डीसी में रिपब्लिकन सांसदों की एक सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 46 अत्याधुनिक युद्धपोतों को समुद्र में डुबो दिया है। ट्रंप के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद ईरान की नौसैनिक शक्ति लगभग खत्म हो चुकी है।
'पकड़ने के बजाय डुबोना बेहतर'
ट्रंप ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने बताया, 'मैंने अधिकारी से पूछा कि क्या हम ईरानी जहाजों को डुबोने के बजाय उन्हें पकड़कर दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते?' ट्रंप के मुताबिक, अधिकारी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'सर, उन्हें डुबोने में ज्यादा मजा आता है।'
युद्ध के अंत को लेकर विरोधाभासी बयान
सोमवार को ट्रंप के बयानों में युद्ध की स्थिति को लेकर दो अलग-अलग सुर देखने को मिले। CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'ईरान के पास अब न कोई नेवी बची है, न संचार व्यवस्था और न ही एयरफोर्स। युद्ध लगभग पूरा हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने 4-5 हफ्ते के लक्ष्य से काफी आगे चल रहा है। वहीं इसके कुछ ही घंटों बाद रिपब्लिकन सांसदों के सामने ट्रंप ने कहा, 'हमने अभी पर्याप्त जीत हासिल नहीं की है।' उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान 'पूरी तरह और निर्णायक रूप से' हार नहीं जाता।
ईरान का पलटवार- 'हम तय करेंगे जंग का अंत'
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कड़ा बयान जारी किया है। IRGC ने कहा, 'यह युद्ध कब खत्म होगा, यह हम तय करेंगे, ट्रंप नहीं।' ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे, तो वे इस क्षेत्र से 'एक लीटर तेल' भी बाहर नहीं जाने देंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ा ऊर्जा का संकट
इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। दुनिया के कुल तेल और गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा ढोने वाला 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पिछले एक हफ्ते से बंद पड़ा है। खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों ने कई जगहों पर पंपिंग रोक दी है क्योंकि उनके स्टोरेज टैंक पूरी तरह भर चुके हैं और सप्लाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।