Israel-US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग का आज 25वां दिन है। वहीं जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया। डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर जारी हमले फिलहाल 5 दिनों के लिए रोकने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जो बेहद सार्थक रही। हांलाकि ट्रंप के इस दावे को ईरान ने नकार दिया और किसी भी तरह की बातचीत से भी इनकार किया। वहीं अब इस जंग के बीच आज एक बड़ी जानकारी सामने आई है।
ईरान के साथ सीजफायर करना चाहते हैं ट्रंप!
डोनाल्ड ट्रंप की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहते हैं। इस काम में ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं। तीन वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए ईरान के साथ एक कूटनीतिक समझौता करना चाहते हैं। हालांकि, इन अधिकारियों ने इस समझौते के सफल होने पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि ईरान शायद ही अमेरिका की मुख्य शर्तों को नई बातचीत में माने।
जंग में अबतक 1500 लोगों की गई जान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत 28 फरवरी को टूट गई थी। उसी समय अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था। बातचीत खत्म होने के बाद हालात और बिगड़ गए और यह टकराव मध्य पूर्व के सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक बन गया। यह विवाद ईरान के कथित परमाणु हथियार कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों के विस्तार को लेकर शुरू हुआ था। इस संघर्ष में अब तक केवल ईरान में ही करीब 1,500 लोगों की जान जा चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, अगर बातचीत का नया दौर शुरू होता है तो अमेरिका ईरान से उसकी परमाणु गतिविधियों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने की मांग कर सकता है। यही मुद्दे लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह रहे हैं। हालांकि इस तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच “अच्छी और अहम” बातचीत हुई है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करना है।
ईरान ने तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं है। इससे साफ होता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी है और किसी भी समझौते को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसी बीच, कूटनीति को मौका देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम कदम उठाया। उन्होंने सोमवार को हुई “सार्थक” बातचीत के बाद ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल रोक दिया।