US Launches First Daylight Airstrikes On Iran: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति बदलते हुए पहली बार दिन के उजाले में हवाई हमले (Daylight Airstrikes) शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही यह युद्ध अब एक बिल्कुल नए फेज में प्रवेश कर चुका है।
पिछले कई दिनों से ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना सिर्फ रात के अंधेरे में ईरान पर बमबारी कर रही थी, लेकिन बुधवार को अचानक दिन में हुए हमलों ने सबको चौंका दिया है। दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता (Interim Deal) पूरी तरह टूट चुका है, जिसके बाद दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। आइए जानते हैं क्या है मिडिल ईस्ट में भड़के इस महायुद्ध की मौजूदा स्थिति।
CENTCOM ने की दिन में हवाई हमलों की पुष्टि
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस नए सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि की है:
सुबह 6 बजे शुरू हुए हमले: सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न टाइम (ET) के मुताबिक सुबह 6 बजे ईरान पर हवाई हमलों की नई लहर शुरू की।
रणनीति में बड़ा बदलाव: रात के बजाय दिन के उजाले में हमला करना अमेरिकी सेना की आक्रामक रणनीति और बढ़ते सैन्य दबाव को साफ दर्शाता है।
आखिर क्यों ईरान पर बम बरसा रहा है अमेरिका?
इस पूरे सैन्य टकराव के केंद्र में दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री ऊर्जा गलियारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है:
कमर्शियल जहाजों पर हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, पिछले सात दिनों में ईरान ने जानबूझकर सात कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है, जिसमें लगभग एक दर्जन नागरिक क्रू मेंबर्स की मौत हुई है या वे लापता/घायल हैं।
पड़ोसी देशों पर मिसाइल दागना: ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों की तरफ भी दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान की आक्रामकता का करारा जवाब देना है।
समझौता टूटने के बाद बिगड़े हालात
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए जो राजनयिक प्रयास चल रहे थे, वे अब पूरी तरह ठप हो चुके हैं:
इंटरिम डील हुई तबाह: दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता पूरी तरह से बिखर चुका है, जिससे कूटनीति के रास्ते बंद हो गए हैं और दोनों देश सीधे सैन्य टकराव के रास्ते पर लौट आए हैं।
बढ़ेगा ग्लोबल एनर्जी संकट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दुनिया का एक बड़ा तेल और गैस का कारोबार गुजरता है। यहां लगातार हो रहे हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ठप होने और क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने का खतरा मंडराने लगा है।
कुल मिलाकर अमेरिकी सेना के इस कदम से साफ है कि वाशिंगटन अब तेहरान पर किसी भी तरह का सैन्य दबाव कम करने के मूड में नहीं है। रात के बाद अब दिन में भी शुरू हुई इस बमबारी ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट को और तेज कर दिया है।