अमेरिका फिलहाल हवा और समुद्र से हमले कर रहा है, लेकिन जमीन पर सैनिक भेजने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह सैनिक भेजेंगे, तो उन्होंने कहा, “नहीं, मैं कहीं भी सैनिक नहीं भेज रहा हूं।” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी बोला, “अगर भेजता, तो आपको बताता भी नहीं।” यानी उन्होंने यह विकल्प पूरी तरह से बंद नहीं किया है।
वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने भी इशारा दिया कि हालात के हिसाब से सेना के पास हर तरह का विकल्प तैयार रखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल जमीन पर सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका चुपचाप कई स्तर पर तैयारी कर रहा है।
अगर कभी जमीनी हमला होता है, तो ईरानी सैनिकों को पकड़ने और हिरासत में रखने की योजना तक बनाई जा रही है। इसके लिए यह भी तय किया जा रहा है कि पकड़े गए लोगों को कहां रखा जाएगा।
अमेरिका ने अपनी कुछ खास और ताकतवर यूनिट्स को अलर्ट पर रखा है, जैसे:
इसके अलावा, हजारों अमेरिकी मरीन पहले ही मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं।
करीब 2,200 मरीन को लेकर 3 नौसैनिक जहाज कैलिफोर्निया से रवाना हो चुके हैं। यह इस जंग के शुरू होने के बाद दूसरी बड़ी तैनाती है।
एक और यूनिट, जिसे पहले पैसिफिक क्षेत्र से मोड़ा गया था, वह भी अभी रास्ते में है।
हालांकि अमेरिका अभी खुलकर जमीनी जंग की बात नहीं कर रहा, लेकिन जिस तरह की तैयारी हो रही है, उससे साफ है कि जरूरत पड़ने पर वह इस विकल्प को इस्तेमाल कर सकता है।