US Fresh Strikes On Syria: अमेरिकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर फिर से बड़े पैमाने एयर स्ट्राइक की है। यह कार्रवाई पिछले महीने पलमीरा में हुए उस घातक हमले के जवाब में है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक ट्रांसलेटर की जान चली गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में शुरू किए गए 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' (Operation Hawkeye Strike) के तहत यह सैन्य प्रहार किया गया है।
'सेंट्रल कमांड' ने जारी की चेतावनी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह हमला शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे (ET) किया गया। इसमें सीरिया भर में ISIS के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह ऑपरेशन स्थानीय साझेदार बलों के सहयोग से पूरा किया गया। दिलचस्प बात यह है कि 2024 के अंत में असद सरकार के पतन के बाद, अब अमेरिका दमिश्क की नई केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, 'हमारा संदेश स्पष्ट है- अगर आप हमारे योद्धाओं को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे।'
क्यों शुरू हुआ 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक'
यह सैन्य अभियान उन शहीदों को न्याय दिलाने के लिए चलाया जा रहा है जो पलमीरा हमले में मारे गए थे। उस हमले में सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड (दोनों आयोवा नेशनल गार्ड के सदस्य) और नागरिक अनुवादक अयाद मंसूर सकत। 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' 19 दिसंबर को शुरू हुआ था था, जब मध्य सीरिया में ISIS के बुनियादी ढांचे और हथियारों के 70 ठिकानों पर एक साथ हमला किया गया था।
सीरिया ने बदली कूटनीति, कसा ISIS पर शिकंजा
शनिवार के हमलों से ठीक एक दिन पहले सीरियाई अधिकारियों ने घोषणा की थी कि उन्होंने लेवेंट क्षेत्र में ISIS के सैन्य अभियानों के मुख्य कमांडर को गिरफ्तार कर लिया है। सीरिया अब आधिकारिक तौर पर ISIS के खिलाफ बने वैश्विक गठबंधन में शामिल हो गया है। पहले अमेरिका मुख्य रूप से कुर्द नेतृत्व वाली SDF के साथ काम करता था, लेकिन अब वह सीरिया की नई सरकार के साथ मिलकर आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहा है।