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H-1B Visa News: नौकरी गई तो तुरंत छोड़ना होगा अमेरिका! नहीं मिलेगी 60-दिनों की मोहलत! इस कारण मची खलबली

H-1B Visa News: अमेरिका में टेक सेक्टर में पिछले कुछ समय से धड़ाधड़ छंटनी हो रही है। अभी तो छंटनी के बाद भी अमेरिका में रहकर भारतीय समेत अन्य देशों के लोगों को अमेरिका में ही रहकर कुछ दिनों तक दूसरी नौकरी खोजने की सहूलियत मिल रही है लेकिन अब एक ऐसे प्रस्ताव पर अमेरिकी सरकार विचार कर रही है, जो लागू हुआ तो तुरंत नई नौकरी खोजनी होगी या अमेरिका छोड़ने की तैयारी करनी होगी। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 09, 2026 पर 8:05 AM
H-1B Visa News: नौकरी गई तो तुरंत छोड़ना होगा अमेरिका! नहीं मिलेगी 60-दिनों की मोहलत! इस कारण मची खलबली
H-1B Visa News: 60-दिनों के ग्रेस पीरियड की सुविधा 2017 में मिलनी शुरू हुई थी ताकि कुछ विदेशी एंप्लॉयीज को अचानक नौकरी चले जाने की स्थिति में थोड़ा समय मिल सके।

H-1B Visa News: अमेरिका में नौकरी गंवाने के बाद तुरंत देश छोड़ना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी सरकार वीजा को लेकर 60 दिनों के ग्रेस पीरियड को समाप्त करने पर विचार कर रही है। यह वह समय है, जिसके भीतर नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रहकर नई नौकरी खोजने की सहूलियत मिलती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव DHS (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने दिया है और फिलहाल व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट (OMB) इस पर विचार कर रहा है। अभी इस पर कोई फैसला नहीं है और प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक भी नहीं हुई है। हालांकि अगर यह लागू होती है तो नौकरी जाने के बाद विदेशी एंप्लॉयीज के पास नई नौकरी खोजने या अपने इमिग्रेशन स्टेटस को बनाए रखने के लिए काफी कम समय मिल सकता है।

क्या है 60-दिनों का ग्रेस पीरियड

60-दिनों के ग्रेस पीरियड की सुविधा 2017 में मिलनी शुरू हुई थी ताकि कुछ विदेशी एंप्लॉयीज को अचानक नौकरी चले जाने की स्थिति में थोड़ा समय मिल सके। मौजूदा नियमों के अनुसार एलिजिबल वर्कर्स नौकरी खत्म होने के बाद आम तौर पर लगातार 60 दिनों तक या फिर वीजा पीरियड, जो भी पहले हो, तक अमेरिका में रह सकते हैं। इस दौरान वे नई नौकरी तलाश सकते हैं, नए एंप्लॉयर के साथ नौकरी हासिल कर सकते हैं, अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदलने की कोशिश कर सकते हैं और अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए दूसरे विकल्प तलाश सकते हैं। ग्रेस पीरियड के इस नियम से अमेरिका में पहले से मौजूद फॉरेन वर्कर्स को नई नौकरी देने में एंप्लॉयर्स को भी सुविधा मिलती है।

भारतीयों पर अधिक असर क्यों?

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