H-1B Visa: ट्रंप के फैसले के बाद मची अफरा-तफरी के बीच आई गुड न्यूज, अमेरिकी अधिकारी ने दी ये जानकारी

H-1B Visa : अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ट्रंप सरकार का यह नया नियम केवल नए वीजा आवेदन पर लागू होगा। जिन लोगों के पास पहले से H-1B वीजा है या जो अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन पर यह नई फीस लागू नहीं होगी

अपडेटेड Sep 20, 2025 पर 11:27 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है।

H-1B Visa : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को अचानक एच-1बी वीजा की फीस 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह नया नियम 21 सितंबर 2025 से लागू होगा, जिससे लोगों के पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा है। जैसे ही यह खबर सामने आई, भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और कंपनियों में अफरातफरी मच गई थी। कई बड़ी टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को तुरंत अमेरिका लौटने की सलाह तक दे दी थी। लेकिन अब एक अमेरिकी अधिकारी ने साफ किया है कि भारतीयों को घबराने की जरूरत नहीं है।

भारतीयों को वापस लौटने की जरूरत नहीं

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएनआई को बताया कि जिन भारतीयों के पास पहले से एच-1बी वीज़ा है, उन्हें 21 सितंबर तक अमेरिका लौटने या दोबारा प्रवेश के लिए 1,00,000 डॉलर की फीस चुकाने करने की जरूरत नहीं होगी। नए नियम सिर्फ नए वीजा होल्डर्स पर लागू होंगे। वरिष्ठ अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी ने ANI से कहा, जो लोग देश की यात्रा पर आ रहे हैं या देश छोड़ रहे हैं, या भारत की यात्रा कर रहे हैं उन्हें रविवार से पहले वापस आने या 100,000 डॉलर का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। 100,000 डॉलर केवल नए धारकों के लिए है, वर्तमान धारकों के लिए नहीं है।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ट्रंप सरकार का यह नया नियम केवल नए वीजा आवेदन पर लागू होगा। जिन लोगों के पास पहले से H-1B वीजा है या जो अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन पर यह नई फीस लागू नहीं होगी।


ट्रंप के फैसले के बाद मची अफरा-तफरी 

बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने H-1B वीजा पर काम कर रहे कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अमेरिका न छोड़ें। वहीं जो लोग फिलहाल विदेश में हैं, उन्हें तुरंत अमेरिका लौटने के निर्देश दिए गए हैं। अमेरिकी इमीग्रेशन वकील साइरस मेहता ने चेतावनी दी कि “अगर एच-1बी वीजा धारक 21 सितंबर की आधी रात से पहले अमेरिका में प्रवेश नहीं कर पाते, तो वे फंस जाएंगे। खासकर भारत में मौजूद वीजा होल्डर्स  समय पर फ्लाइट न मिलने की वजह से डेडलाइन से पहले लौट ही नहीं पाएंगे।”

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