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मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा से पहले बवाल! अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता संस्था ने की RSS नेताओं पर बैन लगाने की मांग

Mohan Bhagwat New York Visit: अमेरिकी कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के अधिकारियों ने वॉशिंगटन से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे। साथ ही कहा है कि संगठन के नेताओं को राजनयिक शिष्टाचार न दिखाए या उनके साथ उच्च-स्तरीय बैठकें न करे

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 20, 2026 पर 7:38 AM
मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा से पहले बवाल! अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता संस्था ने की RSS नेताओं पर बैन लगाने की मांग
Mohan Bhagwat New York Visit: मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता संस्था ने RSS नेताओं पर बैन लगाने की मांग की है

Mohan Bhagwat New York Visit: मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से पहले धार्मिक स्वतंत्रता पर काम करने वाली एक अमेरिकी सलाहकार संस्था ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। संस्था ने अमरिकी सरकार से कहा है कि वह इसके नेताओं को राजनयिक शिष्टाचार न दिखाए और न ही उनके साथ उच्च-स्तरीय बैठकें करे। US कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के अधिकारियों की ये टिप्पणियां RSS प्रमुख मोहन भागवत की 29 अगस्त को न्यूयॉर्क यात्रा से पहले आई हैं।

उच्च-स्तरीय बैठकों को रद्द करने की अपील

भागवत की यह यात्रा 'अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) द्वारा आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स' के लिए हो रही है। US कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने एक बयान में कहा, "RSS नेताओं को उच्च-स्तरीय बैठकों या राजनयिक शिष्टाचार का सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। अमेरिकी सरकार को RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान देना चाहिए।"

USCIRF ने X पर एक पोस्ट में कमिश्नर जीन मिल्स की बात शेयर की है। मिल्स ने बताया कि USCIRF के चेयरमैन आसिफ महमूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को RSS का सदस्य बताया था। RSS एक मुख्य संगठन है, जिसके सहयोगी समूहों पर ईसाइयों और मुसलमानों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले करने के आरोप लगे हैं।

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