अब 'आर-पार' के मूड में अमेरिका, भारत आए विदेश मंत्री रुबियो बोले- ईरान से या तो ऐतिहासिक डील होगी या मचेगी...

US-Iran Conflict Update: ईरान द्वारा होर्मुज के ब्लॉकेड पर अमेरिका ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। रुबियो ने सख्त लहजे में कहा कि इस समुद्री मार्ग को बिना किसी टोल या टैक्स के तुरंत खोला जाना चाहिए। ईरान वहां जो भी टैक्स वसूलने या दादागीरी करने की कोशिश कर रहा है, वह पूरी तरह से अवैध और अस्वीकार्य है

अपडेटेड May 26, 2026 पर 12:18 PM
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने डील पर बड़ा संकेत दिया हैं

US Iran Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच बीते कुछ घंटों में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। एक तरफ ट्रंप मेगा डील को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं दूसरी तरफ ईरान ने सभी दावों को खारिज कर दिया है। बीती रात ड्रोन स्ट्राइक की भी रिपोर्ट्स सामने आईं।

इन सब के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक समझौता अपने अंतिम फेज में पहुंच चुका है। रुबियो ने साफ शब्दों में कहा, 'या तो एक बेहतरीन डील होगी, या फिर कोई डील नहीं होगी'।

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे समझौते के ड्राफ्ट पर सहमति बनने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने सोमवार को ही दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च पैड्स और ईरानी नावों पर 'आत्मरक्षा में' हवाई हमले किए हैं।


अगले कुछ दिनों में हो सकता है बड़ा धमाका

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से बातचीत करते हुए वार्ता में आई तेजी की पुष्टि की। रुबियो ने कहा कि संभावित ईरान समझौते को लेकर बातचीत अब बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अंतिम विवरण को तय करने में अब बस 'कुछ दिनों का समय' लग सकता है।

विदेश मंत्री ने खुलासा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मिडिल ईस्ट के क्षेत्रीय नेताओं के साथ एक 'ऐतिहासिक फोन कॉल' की थी। इस बातचीत के बाद शुरुआती समझौते के मसौदे को लेकर सभी देशों के बीच मजबूत सहमति बनती दिख रही है।

'गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं...', होर्मुज पर अमेरिका सख्त

ईरान द्वारा ब्लॉक किए गए रणनीतिक समुद्री रास्ते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर अमेरिका ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। रुबियो ने सख्त लहजे में कहा कि इस समुद्री मार्ग को बिना किसी टोल या टैक्स के तुरंत खोला जाना चाहिए। ईरान वहां जो भी टैक्स वसूलने या दादागीरी करने की कोशिश कर रहा है, वह पूरी तरह से गैरकानूनी, अवैध और अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश इस तरह के अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर टोलिंग सिस्टम को स्वीकार नहीं करता, सिवाय ईरान के। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

अमेरिकी अधिकारियों के बदलते बयानों से उलझा मामला

दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका के इस 'इमर्जेंट डील' वाले दावों पर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी अधिकारियों के 'पल-पल बदलते बयानों' पर निशाना साधा है।

बकाई ने कहा, 'यह सच है कि हमने चर्चा के एक बड़े हिस्से पर निष्कर्ष निकाल लिया है, लेकिन यह कहना कि समझौता तुरंत होने वाला है, जल्दबाजी होगी। अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार बदलते रुख के कारण हर बातचीत जटिल हो जाती है'।

अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें

इस कूटनीतिक बातचीत के बीच जमीन पर तनाव कम नहीं हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, सोमवार को अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान में भीषण हवाई हमले किए। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमले तब किए गए जब क्षेत्र में सीजफायर और शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उन्होंने उन ईरानी नावों और मिसाइल लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास समुद्री बारूदी माइंस बिछाने की साजिश रच रहे थे।

तमाम हमलों और विरोधाभासों के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप और मार्को रुबियो दोनों ने ही संकेत दे दिए हैं कि वे ईरान के साथ एक 'ऐतिहासिक और सार्थक' डील के बेहद करीब हैं, बशर्ते ईरान अमेरिकी शर्तों के आगे पूरी तरह सरेंडर कर दे।

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