Big Beautiful Bill : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी रहे अरबपति कारोबारी एलन मस्क के बीच रिश्ते काफी बिगड़ चुके हैं। दोनों ही एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। दरअसल, दोनों के रिश्ते बिगड़ने की मुख्य वजह है बिग ब्यूटीफुल बिल। वहीं अब 'बिग ब्यूटीफुल बिल' को लेकर अब एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े कर और खर्च कटौती वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े कर और खर्च कटौती वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस बिल को पास कराने के लिए कई दिनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी ताकि ज़रूरी समर्थन जुटाया जा सके। अब यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप के पास भेजे जाने से पहले प्रतिनिधि सभा में जाएगा। सीनेट में वोट 50-50 से बराबर रहा, जिसके बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने टाई तोड़ने वाला वोट डालकर बिल को पास कराया। यह प्रस्ताव ट्रंप के पहले कार्यकाल की टैक्स कटौती योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए $4.5 ट्रिलियन के पैकेज को दोबारा लागू करने से जुड़ा है।
हालांकि, यह बिल प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स के विरोध और कुछ रिपब्लिकन नेताओं की आपत्तियों का सामना करेगा। इन नेताओं को स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीन एनर्जी सब्सिडी और गरीबों के लिए खाद्य सहायता जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में की जा रही भारी कटौती पर ऐतराज है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में लागू की गई टैक्स कटौती की $4.5 ट्रिलियन की योजना को फिर से लागू करने से जुड़ा प्रस्ताव अब प्रतिनिधि सभा में भेजा जाएगा। इस बिल को पास कराने के लिए सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सीनेट में वोटिंग से पहले 24 घंटे तक चला रिकॉर्ड लंबा "वोट-ए-रामा" सेशन हुआ, जिसमें डेमोक्रेट नेताओं ने इस 'बिग ब्यूटीफुल बिल' पैकेज के सबसे विवादास्पद हिस्सों पर कई संशोधन और चुनौतियां पेश कीं। इस दौरान रिपब्लिकन नेताओं को अपने सदस्यों का समर्थन बनाए रखने में काफी परेशानी हुई।
क्या है 'बिग ब्यूटीफुल बिल'
बिग ब्यूटीफुल बिल (OBBBA) 2025 एक व्यापक विधेयक है। इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घरेलू नीति एजेंडे और उनके चुनावी वादों को लागू करने के लिए बनाया गया है। दरअसल बिग ब्यूटीफुल बिल का उद्देश्य टैक्स कटौती का विस्तार करना, सीमा सुरक्षा पर खर्च बढ़ाना, और कुछ सरकारी कार्यक्रमों में कटौती करना है, लेकिन इसके वित्तीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर गंभीर बहस चल रही है।
मस्क ने इस बिल को DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी) के उद्देश्यों को कमजोर करने वाला बताया। वहीं ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह बिल घाटे को कम करेगा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।