अमेरिका के जवान भूखे पेट लड़ रहे ईरान युद्ध, जहाजों पर खाने-पीने की सप्लाई हुई ठप! सामने आई खाने की प्लेट की तस्वीर
US-Iran Talks: USA Today की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार वाले अपने जवानों के भूखे रहने की खबर सुनकर काफी परेशान हैं। उन्होंने उन्हें मदद पहुंचाने के लिए केयर पैकेज भेजने शुरू कर दिए हैं। इन पैकेज में खाना, क्रॉसवर्ड बुक, ताश के पत्ते, साबुन, टूथपेस्ट, सेनेटरी पैड, विटामिन सी की गोलियां और साफ कपड़े शामिल हैं।
US Iran War: भूखे पेट लड़ रहे अमेरिका के जवान! जहाजों पर खाने-पीने की सप्लाई हुई ठप, सामने आई खाने की प्लेट की तस्वीर
अमेरिकी युद्धपोतों पर तैनात सैनिकों के परिवारों ने चिंता जताई है कि उनके जवान भूखे रह रहे हैं। पश्चिम एशिया में ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी करने वाले अमेरिकी जहाजों पर खाने-पीने की सप्लाई बहुत कम हो गई है और खाना भी बेहद खराब क्वालिटी का दिया जा रहा है।
USA Today को मिली कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान और गुस्सा हो रहे हैं। एक तस्वीर में सिर्फ थोड़ा सा कटा हुआ मीट और एक टॉर्टिला (रोटी) दिख रहा है। दूसरी तस्वीर में प्लेट में मुट्ठी भर उबली हुई गाजर, सूखा मांस का टिक्का और एक भूरा-सा प्रोसेस्ड मीट का टुकड़ा रखा है।
एक यूजर ने लिखा, “काश ये मिडरैट्स (रात के बचे हुए खाने) के प्लेट हों। दोनों प्लेटें ऐसी लग रही हैं जैसे कोई रसोइया मेस डेक के नीचे से चिपके हुए खाने को निकालकर परोस रहा हो।”
‘वे हर समय भूखे रहते हैं’
USA Today की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार वाले अपने जवानों के भूखे रहने की खबर सुनकर काफी परेशान हैं। उन्होंने उन्हें मदद पहुंचाने के लिए केयर पैकेज भेजने शुरू कर दिए हैं। इन पैकेज में खाना, क्रॉसवर्ड बुक, ताश के पत्ते, साबुन, टूथपेस्ट, सेनेटरी पैड, विटामिन सी की गोलियां और साफ कपड़े शामिल हैं।
लेकिन समस्या यह है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला करने के बाद US Postal Service ने 27 सैन्य पिन कोड पर मेल और पैकेज भेजना अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पैकेज अभी हवाई रास्ता बंद होने की वजह से रास्ते में ही अटके पड़े हैं।
पोस्टल सर्विस ने कहा है कि यह रोक “आगे तक के लिए” लागू रहेगी। युद्ध कब खत्म होगा, अभी कुछ पता नहीं है, भले ही दो हफ्ते का सीजफायर लगा हो।
जो मेल पहले से रास्ते में थे, उन्हें सुरक्षित जगह पर रख दिया गया है। उन्हें बाद में भेजा जाएगा जब सेवा फिर शुरू होगी। पैकेज वापस नहीं किए जा रहे हैं।
आर्मी के प्रवक्ता मेजर ट्रेविस शॉ ने बताया कि मेल सर्विस तभी शुरू होगी, जब नागरिक अधिकारी हवाई क्षेत्र फिर से खोल देंगे और क्षेत्र के कमांडर को लगेगा कि वहां परिवहन और वितरण व्यवस्था स्थिर हो गई है।
परिवारों की परेशानी
डैन एफ की बेटी USS ट्रिपोली जहाज पर तैनात है। उनके परिवार ने शैंपू, कंडीशनर, डियो, टूथपेस्ट, टैम्पून्स, विटामिन सी और साफ मोजे भेजे थे। लेकिन एक महीना बीत गया, पैकेज अभी तक नहीं पहुंचे।
टेक्सास की एक मां ने बताया कि उनका बेटा भी उसी USS ट्रिपोली पर है। जब उसे भूख की शिकायत सुनाई तो वह घबरा गई। परिवार ने अब तक कम से कम 2000 डॉलर (लगभग 1.7 लाख रुपये) के केयर पैकेज भेजे, लेकिन एक भी पैकेज उसके बेटे तक नहीं पहुंचा।
ध्यान रहे, USS ट्रिपोली जापान से निकलकर एक महीने से ज्यादा समय से समुद्र में है।
मैसाचुसेट्स की केरन टर्गेन ने अपने इलाके के चार सैनिकों के लिए जल्दी-जल्दी अतिरिक्त केयर पैकेज भेजने की व्यवस्था की, लेकिन कोई भी पैकेज अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा।
मेरीलैंड की डॉन पेनरोड ने अपने भतीजे (आर्मी रिजर्व) के लिए बहरीन में पैकेज भेजने की कोशिश की, लेकिन पोस्ट ऑफिस वाले ने मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उस सैन्य पते पर अभी कुछ भी नहीं भेजा जा सकता।
US मिलिट्री पोस्टल सर्विस दुनिया के 76 देशों में मेल पहुंचाती है। लेकिन USA Today के अनुसार, हर अमेरिकी युद्ध में मेल सर्विस में देरी की समस्या पुरानी है – यह स्वतंत्रता संग्राम (रिवोल्यूशनरी वॉर) के समय से चली आ रही है।