US-Iran War: अमेरिका ने होर्मुज में मार गिराए दर्जनों ईरानी किलर ड्रोन, तेहरान के सैन्य अड्डों पर की भीषण बमबारी

US Airstrikes Iranian Radar Sites: CENTCOM ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, 'मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों ने दो ईरानी 'वन-वे अटैक ड्रोन' को मार गिराया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और कमर्शियल जहाजों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे'

अपडेटेड Jun 07, 2026 पर 8:12 AM
अमेरिकी सेना ने कहा कि हम ईरान के किसी भी हमले का जवाब देने को तैयार

US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे ईरानी आत्मघाती हमलों वाले ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। इसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी बलों ने ईरान के तटीय रडार और निगरानी ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष में यह एक नया और बेहद गंभीर सैन्य बढ़ाव है।

समुद्री जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे ईरानी ड्रोन


रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि ये ईरानी ड्रोन इस बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, 'मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों ने दो ईरानी 'वन-वे अटैक ड्रोन' (आत्मघाती ड्रोन) को मार गिराया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और कमर्शियल जहाजों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे'।

ईरान के इन रडार स्टेशनों पर अमेरिका ने की बमबारी

ड्रोन को नष्ट करने के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे स्थित ईरान के मुख्य निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया:

गोरुक (Goruk): यहां स्थित ईरानी निगरानी और तटीय रडार साइट्स को अमेरिकी हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है।

केशम द्वीप (Qeshm Island): रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस द्वीप पर मौजूद ईरानी रडार ठिकानों को भी अमेरिकी सेना ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

'हम ईरान के किसी भी हमले का जवाब देने को तैयार'

अमेरिकी मिलिट्री कमांड ने साफ कर दिया है कि वे क्षेत्र में किसी भी अन्य खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना पूरी तरह तैनात है और ईरानी आक्रामकता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की रक्षा करने और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

डिप्लोमेसी की कोशिशों के बीच बढ़ा युद्ध का खतरा

यह ताजा सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक समाधान की कोशिशें भी पर्दे के पीछे चल रही थीं। लेकिन इस बड़ी झड़प के बाद अब मिडिल ईस्ट में शांति बहाली की कोशिशों को गहरा झटका लगा है और वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

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