Trump Tariff: टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप का पहला रिएक्शन, कहा- 'तैयार है मेरा प्लान B'

US सुप्रीम कोर्ट के यह फैसला देने के बाद कि टैरिफ इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ऑथराइज़्ड नहीं थे, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने जवाब दिया कि उनके पास टैरिफ के लिए एक “बैकअप प्लान” है

अपडेटेड Feb 20, 2026 पर 11:13 PM
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Trump Tariffs: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयात पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार दे दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयात पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार दे दिया है। 20 फरवरी (शुक्रवार) को फैसले में अदालत ने कहा कि 1977 का इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को इस तरह के व्यापक और लंबे समय तक चलने वाले टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। यह फैसला अप्रैल 2025 के बाद एकतरफा तरीके से लागू किए गए ज्यादातर टैरिफ को रद्द कर देता है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रिएक्शन सामने आया है।

 फैसले पर ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया 

US सुप्रीम कोर्ट के यह फैसला देने के बाद कि टैरिफ इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ऑथराइज़्ड नहीं थे, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने जवाब दिया कि उनके पास टैरिफ के लिए एक “बैकअप प्लान” है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पास पेनाल्टी शुल्कों के लिए एक "बैकअप प्लान" है। व्हाइट हाउस में अमेरिकी गवर्नरों के साथ नाश्ते के दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को "शर्मनाक" बताया। ट्रंप का ये रिएक्शन कोर्ट के उस फैसले के तुरंत बाद आई जिसमें इमरजेंसी पावर्स कानून के तहत ट्रेड उपायों को गैर-कानूनी बताया गया था।


जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया फैसला

बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 की मेजॉरिटी से डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी कहा लेकिन इससे इकट्ठा रकम पर कोई आदेश नहीं दिया। सवाल उठता है कि अरबों की रुपए की रकम क्या भारत समेत उन देशों को लौटाई जाएगी, जिनसे टैरिफ के नाम पर यह हासिल की गई है। कोर्ट ने यह नहीं बताया है कि ट्रंप के टैरिफ से इकट्ठा का क्या किया जाए। बता दें कि टैरिफ से प्रभावित कारोबारियों और 12 अमेरिकी राज्यों ने इसे अदालत में चुनौती दी थी। निचली अदालतों ने माना कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत मिली शक्तियों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया।

अमेरिकी संविधान के मुताबिक टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस को है। हालांकि पहले भी राष्ट्रपतियों ने 1977 के इस कानून का इस्तेमाल किया है, लेकिन ज्यादातर मामलों में इसका उपयोग बैन लगाने के लिए हुआ।

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