राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाने के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस महीने भारत आ सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 21 अप्रैल से भारत की चार दिन की यात्रा पर आ सकते हैं। इस दौरे का मकसद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के पहले फेज पर मुहर लगाना है। इस समझौते की घोषणा फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान की गई थी। इस यात्रा में जेडी वेंस के साथ उनकी पत्नी उषा वेंस भी होंगी। उम्मीद है कि वे प्रधानमंत्री मोदी और अन्य भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
जेडी वेंस पत्नी उषा के साथ आएंगे भारत
जानकारी मुताबिक अपनी यात्रा के दौरान अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस जयपुर और आगरा भी जाएंगे। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज के भी भारत आने की संभावना है। यह दौरा भारत-अमेरिका के रिश्तों को और मज़बूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बता दें कि अमेरिका की द्वितीय महिला उषा वेंस की यह भारत यात्रा उनकी पहली आधिकारिक यात्रा होगी। उषा वेंस का संबंध आंध्र प्रदेश से हैं। सूत्रों के मुताबिक, उषा वेंस व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए भारत आ रही हैं। भारत और अमेरिका इस साल की फरवरी में ऐलान हुए व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देना चाहते हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय प्रोडक्ट्स पर 26% टैरिफ लगाया था। हालांकि, उन्होंने चीन को छोड़कर बाकी देशों पर टैरिफ लगाने पर 90 दिनों का रोक लगाया है।
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से भारत ने यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम और कई अन्य देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को लगातार मजबूत किया है। इसके साथ ही ईएफटीए समूह के देशों जैसे इज़राइल, कतर और स्वीडन के वरिष्ठ नेता हाल ही में भारत आए और व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस बीच, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को लेकर बातचीत में अहम प्रगति हुई है। दोनों देशों ने वार्ता की रूपरेखा और शर्तों को तय कर लिया है।
एक वरिष्ठ भारतीय व्यापार अधिकारी ने बताया कि, “अमेरिका के साथ हमारी बातचीत बाकी देशों की तुलना में ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। अगले 90 दिनों में इस पर सकारात्मक नतीजे आ सकते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत नियमित रूप से और वर्चुअल तरीके से जारी रहेगी, ताकि समझौते को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके।