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भारत के IT नियमों और 'कंटेंट टेकडाउन' पर अमेरिका को आपत्ति, USTR ने व्यापार में बाधा बताया; भारत ने कहा- 'व्यापार से ज्यादा जरूरी है सामाजिक सुरक्षा'

USTR Report: रिपोर्ट के अनुसार, कंटेंट हटाने के लिए दी जाने वाली समय सीमा व्यावहारिक नहीं है, जिससे कंपनियों के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है। नियमों के उल्लंघन पर कंपनी के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना एक बड़ा खतरा बताया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल के समय में कंटेंट हटाने के आदेशों में तेजी आई है, जो अक्सर 'राजनीति से प्रेरित' होते हैं

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 02, 2026 पर 9:56 AM
भारत के IT नियमों और 'कंटेंट टेकडाउन' पर अमेरिका को आपत्ति, USTR ने व्यापार में बाधा बताया; भारत ने कहा- 'व्यापार से ज्यादा जरूरी है सामाजिक सुरक्षा'
अमेरिकी रिपोर्ट में भारत के डिजिटल नियमों को वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के लिए 'जोखिम भरा' बताया गया है

USTR Report: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने अपनी लेटेस्ट नेशनल ट्रेड एस्टीमेट रिपोर्ट में भारत के कंटेंट रेगुलेशन फ्रेमवर्क और आईटी नियमों पर सवाल उठाए हैं। अमेरिका का मानना है कि भारत में सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के कड़े नियम और डिजिटल पाबंदियां विदेशी कंपनियों के लिए व्यापार में बाधा बन रही हैं। दरअसल हाल के दिनों में भारत सरकार ने रेगुलेशन का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर से कई अकाउंट सहित सैकड़ों कंटेंट हटवा दिए। सरकार ने कंटेंट टेकडाउन की समय सीमा में भी बदलाव किया है जिसपर अमेरिका ने आपत्ति दर्ज कराई है।

अमेरिका की क्या है आपत्तियां?

अमेरिकी रिपोर्ट में भारत के डिजिटल नियमों को वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के लिए 'जोखिम भरा' बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंटेंट हटाने के लिए दी जाने वाली समय सीमा व्यावहारिक नहीं है, जिससे कंपनियों के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है। नियमों के उल्लंघन पर कंपनी के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराना एक बड़ा खतरा बताया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल के समय में कंटेंट हटाने के आदेशों में तेजी आई है, जो अक्सर 'राजनीति से प्रेरित' होते हैं। रिपोर्ट में डेटा गवर्नेंस और इंटरनेट बंद करने जैसे कदमों को भी डिजिटल व्यापार में रुकावट माना गया है।

आईटी नियमों के अलावा, USTR ने डेटा गवर्नेंस यानी डेटा को देश के भीतर रखने के नियम और विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में आने वाली कानूनी अड़चन जैसे मुद्दों को भी व्यापार बाधाओं की सूची में डाला है।

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