अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक कैरोल क्रिस्टीन फेयर ने एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश पत्रकार मुईद पिरजादा से बातचीत के दौरान उन्होंने 79 साल के ट्रंप को हिंदी में "चू***या" कहा, जिसका मतलब होता है "मूर्ख"। उनकी इस बात पर इंटरव्यू लेने वाले पिरजादा भी हंस पड़े।
फेयर ने बातचीत के दौरान कहा, "मेरे अंदर का आशावादी सोचता है कि ब्यूरोक्रेसी सब संभाल लेगी। लेकिन मेरे अंदर का निराशावादी कहता है कि अभी तो छह महीने ही हुए हैं, और हमें इस 'चू***या' के साथ चार साल और गुजारने हैं।"
हालांकि, इस पर मुईद पिरजादा मुस्कुराते हुए बोले, "यह वही शब्द है, जो मैं उर्दू में अक्सर कहता हूं, और मेरे कई दर्शक इस पर आपत्ति जताते हैं। लेकिन आपने इसे अंग्रेजी बातचीत में ही इस्तेमाल कर दिया।"
एंकर की आपत्ति पर फेयर ने जरा भी संकोच नहीं किया। उन्होंने कहा, "हां, तो वो एक चू***या है।"
इंटरव्यू लेने वाले ने मजाक में कहा, "चू***या शब्द की इतनी ज्यादा अहमियत है कि कई बार किसी स्थिति को बिना इसका इस्तेमाल किए समझाना मुश्किल हो जाता है।"
कैरोल फेयर ने यह भी बताया कि उनकी कार का नंबर प्लेट भी "चू***या" है।
इंटरव्यू के दौरान कैरोल फेयर ने ट्रंप सरकार की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, "मैं ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की योग्यता की गारंटी नहीं दे सकती, क्योंकि उनमें से कई अपने क्षेत्र में बहुत माहिर नहीं हैं। इसलिए अक्सर लगता है कि उन्हें ही एकमात्र अहम ताकत मान लिया जाता है।"
फेयर ने समझाते हुए कहा, "लेकिन यह याद रखना होगा कि हमारे यहां एक जटिल अफसरशाही (ब्यूरोक्रेसी) है। यह ब्यूरोक्रेसी पिछले 25 सालों से इन रिश्तों पर काम कर रही है। अभी इसका बड़ा हिस्सा नया है। हमने हाल ही में विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) के हजारों कर्मचारी खो दिए हैं। हमें यह भी पता नहीं कि उनके साथ कितना अनुभव और विशेषज्ञता भी चली गई।"
कैरोल क्रिस्टीन फेयर एक अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका खास विषय दक्षिण एशिया की राजनीति और सैन्य मामलों पर है। वे RAND कॉरपोरेशन, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र (UN) और अमेरिका के इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के साथ भी काम कर चुकी हैं।