'सीक्रेट बंकर' में छिपे है मोजतबा खामेनेई! चिट्ठियों के भरोसे चल रही सरकार, ट्रंप के साथ डील में देरी को लेकर ये है इनसाइड स्टोरी
Mojtaba Khamenei: मार्च 2026 की शुरुआत में सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से आज तक मोजतबा खामेनेई कभी भी कैमरे के सामने या किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं आए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया कभी-कभार उनके कुछ वीडियो जारी करता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वे वीडियो बिना तारीख के हैं और यह पता लगाना नामुमकिन है कि वे कहां रिकॉर्ड किए गए हैं
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया, 'खामेनेई तक जो भी जानकारी पहुंचती है, वह कई दिन पुरानी हो चुकी होती है'
Mojtaba Khamenei Update: मिडिल ईस्ट में पिछले 28 फरवरी से तनाव जारी है। अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की पूरे परिवार सहित मौत हो गई। उस भीषण हमले में उनके बेटे मोजतबा बाल-बाल बच गए। हालांकि, करीब तीन महीने होने के बाद भी अभी तक उनके स्वास्थ्य और लोकेशन को लेकर कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।
सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई इस समय बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में किसी अंडरग्राउंड बंकर में छिपे हुए हैं। बाहरी दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है और वह अपनी ही सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों से बातचीत करने के लिए आधुनिक फोन या इंटरनेट के बजाय 'चिट्ठी-पत्री' और गुप्त संदेशवाहकों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते में देरी का ये है सबसे बड़ा कारण
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के भीतर ठप पड़ा यह कम्युनिकेशन सिस्टम ही इस समय वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति वार्ता में देरी की सबसे बड़ी वजह बन गया है। जब ट्रंप प्रशासन ईरान के पास समझौते का कोई नया प्रस्ताव भेजता है, तो ईरान के वार्ताकारों को उस पर सुप्रीम लीडर की मंजूरी लेने में कई दिन लग जाते हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया, 'खामेनेई तक जो भी जानकारी पहुंचती है, वह कई दिन पुरानी हो चुकी होती है। इसी वजह से उनके जवाब आने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।' यही कारण है कि कभी खबर आती है कि ईरान डील के लिए तैयार है, तो कभी कहा जाता है कि अभी अंतिम बिंदुओं पर बात बाकी है।
जब बाल-बाल बचे थे मोजतबा, मारे गए थे अली खामेनेई
मोजतबा खामेनेई के इस तरह बंकर में छिपने की कहानी 28 फरवरी 2026 से जुड़ी है। इसी दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को अंजाम दिया था।
मध्य तेहरान में स्थित ईरान के सुप्रीम लीडर के घर पर इजरायल की 'ब्लू स्पैरो' बैलिस्टिक मिसाइलें आकर गिरी थीं। इस भीषण हमले में मोजतबा के पिता और ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए थे, जिन्होंने 1989 से लेकर 28 फरवरी 2026 तक ईरान पर राज किया था।
मोजतबा खामेनेई भी उसी परिसर के भीतर थे, लेकिन मिसाइल गिरने से ठीक पहले वह कुछ देर के लिए गार्डन एरिया की तरफ चले गए थे। इस वजह से वह बच गए और उन्हें पैर में सिर्फ मामूली चोट आई थी।
'कॉमेडी शो' जैसी हो गई है ईरानी अफसरों की हालत!
मार्च 2026 की शुरुआत में सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से आज तक मोजतबा खामेनेई कभी भी कैमरे के सामने या किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं आए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया कभी-कभार उनके कुछ वीडियो जारी करता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वे वीडियो बिना तारीख के हैं और यह पता लगाना नामुमकिन है कि वे कहां रिकॉर्ड किए गए हैं।
इंटेलिजेंस इनपुट्स के मुताबिक, युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सरकारी सिस्टम में ऐसी सेंध लगाई कि वे किसी भी बड़े नेता की लोकेशन ट्रैक कर ले रहे थे। इसी डर से अब पूरी ईरानी लीडरशिप बंकरों में कैद है। एक अमेरिकी अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा, 'ईरानी अधिकारियों को आपस में बात करने के लिए हाथ-पैर मारते देखना किसी कॉमेडी शो जैसा लगता है, वे पूरी तरह हताश और परेशान हो चुके हैं।'
मुश्किलों के बावजूद ट्रंप की 'डील' पर दी रजामंदी
भले ही बातचीत की रफ्तार बेहद धीमी है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को पुष्टि की कि मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ होने वाले शांति समझौते के व्यापक मसौदे पर अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
खुद डोनाल्ड ट्रंप ने भी 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा है कि उन्हें अगले कुछ दिनों के भीतर इस ऐतिहासिक समझौते पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है। खामेनेई ने बंकर से ही अपने वार्ताकारों को साफ निर्देश भेज दिए हैं कि वाशिंगटन के साथ किन मुद्दों पर समझौता किया जा सकता है और कौन से विषय पूरी तरह से 'आउट ऑफ बाउंड्स' रहेंगे।