ट्रंप ने कहा था जिहादी, बताया था मुस्लिम ब्रदरहुड का मेंबर, इसके बावजूद अब्दुल अल सैयद जीत गए चुनाव, जानें कौन हैं ये

Who is Abdul El-Sayed: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बीच मिशिगन सीनेट सीट पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन के पूर्व सांसद माइक रोजर्स पर मजबूत बढ़त बनाई हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें जिहादी कहा था और मुस्लिम ब्रदरहुड का मेंबर बताया था, इसके बावजूद अब्दुल अल सैयद चुनाव जीत रहे है, जानें कौन हैं ये?

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 12:08 PM
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डॉ. अल-सैयद अपने प्रतिद्वंद्वी FBI एजेंट माइक रोजर्स पर मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं

US Midterm Election Results 2026: अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों के बीच मिशिगन सीनेट सीट पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के डॉ. अब्दुल अल-सैयद अमेरिकी इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बनने के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

शुरुआती रुझानों और वोटों की गिनती में डॉ. अल-सैयद अपने प्रतिद्वंद्वी और रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व सांसद व FBI एजेंट माइक रोजर्स पर मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। वैसे वोटों की गिनती अभी जारी है और अंतिम नतीजों का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। अगर अल-सैयद अपनी यह बढ़त बनाए रखते हैं, तो वाशिंगटन की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया जाएगा।

प्रोग्रेसिव मूवमेंट के प्रमुख नेताओं में से एक है डॉ. अल-सैयद


डॉ. अब्दुल अल-सैयद अमेरिकी राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी के एक प्रमुख प्रोग्रेसिव नेता, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, लेखक और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हैं। वह 2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में मिशिगन राज्य से सीनेट के उम्मीदवार के रूप में वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में आए हैं। यह चुनाव जीतने के साथ वह अमेरिकी इतिहास में देश के सर्वोच्च उच्च सदन में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम सीनेटर बन जाएंगे।

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अमेरिका में डॉ. अब्दुल अल-सैयद की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है जो आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉर्पोरेट फंडिंग के खिलाफ लड़ाई और आर्थिक समानता की वकालत करते हैं।

'रोड्स स्कॉलरशिप' हासिल कर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की पीएचडी

शैक्षणिक और पेशेवर बैकग्राउंड की बात करें तो डॉ. अल-सैयद का सफर बेहद शानदार रहा है। मिस्र से आए अप्रवासी माता-पिता के घर जन्मे अल-सईद ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से बायोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित 'रोड्स स्कॉलरशिप' हासिल कर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में पीएचडी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अपनी मेडिकल (MD) की डिग्री पूरी की।

मात्र 30 साल की उम्र में वह डेट्रॉइट शहर के सबसे युवा हेल्थ कमिश्नर बने, जहां उन्होंने बच्चों को सीसे के जहर से बचाने और शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए ऐतिहासिक काम किया।

'मेडिकेयर फॉर ऑल' के है बड़े समर्थक

राजनीतिक और जनसेवा के मंच पर डॉ. अल-सैयद प्रोग्रेसिव डेमोक्रेट्स के एक मजबूत चेहरे माने जाते हैं। वह 'मेडिकेयर फॉर ऑल' यानी सभी के लिए मुफ्त और बेहतर सरकारी स्वास्थ्य बीमा के बड़े समर्थक हैं और बर्नी सैंडर्स के 2020 राष्ट्रपति अभियान के प्रमुख राष्ट्रीय सरोगेट भी रह चुके हैं।

इसके अलावा वह CNN के राजनीतिक विश्लेषक, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर लोकप्रिय पॉडकास्ट 'America Dissected' के होस्ट और कई चर्चित पुस्तकों के लेखक हैं। अपनी जन कल्याणकारी नीतियों और कॉर्पोरेट-मुक्त चुनावी फंड की रणनीति के चलते वे अमेरिकी राजनीति के सबसे प्रभावशाली युवा चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं।

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