Who was Sharif Osman Hadi: बांग्लादेश में 'जुलाई विद्रोह' के प्रमुख युवा नेता और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए चर्चित कट्टरपंथी संगठन 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार (18 दिसंबर) रात मौत हो गई। ढाका के पलटन इलाके में हुए एक हमले में उसके सिर में गोली लगी थी। उसके बाद कई दिनों तक वह कोमा में रहा। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उस्मान हादी की छह दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
पिछले सप्ताह अज्ञात बंदूकधारियों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, "आज मैं आपके समक्ष अत्यंत दुखद समाचार लेकर आया हूं। 'जुलाई विद्रोह' के निडर योद्धा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे।" यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।
हादी की मौत के बाद आक्रोशित लोगों की भीड़ ने गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक ढाका और कई अन्य शहरों में जमकर उत्पात मचाया। भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर भारत विरोधी नारे लगाए। ढाका के बिजोयनगर इलाके में 12 दिसंबर को चुनावी अभियान में हुए हमले में उसके सिर में गोली लगी थी। इंकलाब मंच ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए हादी की मौत की पुष्टि करते हुए उसे एक 'क्रांतिकारी शहीद' करार दिया है।
शरीफ उस्मान हादी अपने तीखे भारत विरोधी बयानों और बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर चर्चा में रहता था। वह ढाका के निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा था। 12 दिसंबर को जब वह ऑटो-रिक्शा से यात्रा कर रहा था तो एक मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने करीब से उसके सिर में गोली मार दी थी।
बांग्लादेश में जुलाई 2024 में आरक्षण नियमों में सुधार की मांग को लेकर छात्रों ने व्यापक आंदोलन छेड़ा था जिसे 'जुलाई विद्रोह' के नाम से जाना जाता है। हादी पड़ोसी देश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार था। पिछले सप्ताह नकाबपोश बंदूकधारियों ने उनके सिर में उस वक्त गोली मार दी थी। उस वक्त वह ढाका के विजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार शुरू करने जा रहे थे।
हादी एंटी-हसीना प्लेटफॉर्म 'इंकलाब मंच' का प्रवक्ता और अहम सदस्य था। 'इंकलाब मंच' पिछले साल बांग्लादेश में जुलाई के विद्रोह के दौरान चर्चा में आया था। इसके कारण आखिरकार शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा।
इस समूह को एक कट्टरपंथी संगठन बताया जाता है। यह अवामी लीग को खत्म करने की कोशिशों में भी सबसे आगे रहा है। छात्र विद्रोह में हिस्सा लेने के बावजूद यूनुस सरकार ने पार्टी को भंग कर दिया। साथ ही उसे राष्ट्रीय चुनावों में चुनाव लड़ने से रोक दिया है।
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया। साथ ही एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने इस घटना में शामिल लोगों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लिया। साथ ही कहा, "हत्यारों के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी।"
यूनुस ने कहा, "मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं- धैर्य और संयम बनाए रखें।" उन्होंने कहा, "कानून के तहत एजेंसियों और अन्य संबंधित संगठनों को पेशेवर तरीके से जांच करने का अवसर दिया जाए।" यूनुस ने यह भी कहा कि राष्ट्र कानून के शासन की स्थापना के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।