US Secretary Sarah Rogers Nepal Visit: नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका की नजरें काठमांडू पर है। भारत का अपना अहम दौरा खत्म करने के तुरंत बाद अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी सारा बी रोजर्स शनिवार रात अचानक काठमांडू पहुंच गईं। नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद से वह वहां का दौरा करने वाली सबसे सीनियर अमेरिकी राजनयिक हैं।
27 मार्च को नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद से यह किसी तीसरे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का काठमांडू दौरा है। आखिर अमेरिका की तरफ से बैक-टू-बैक हो रहे इन दौरों के पीछे की इनसाइड स्टोरी क्या है, आइए इसे आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।
27 मई से 10 जून तक चार देशों के दौरे पर हैं रोजर्स
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सारा बी रोजर्स 27 मई से 10 जून तक भारत, नेपाल, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के आधिकारिक दौरे पर हैं। पिछले साल पद संभालने के बाद रोजर्स की यह पहली काठमांडू यात्रा है। काठमांडू पहुंचने से पहले उन्होंने नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ रणनीतिक कूटनीति और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर लंबी चर्चा की थी।
अमेरिका से लगातार नेपाल क्यों आ रहे हैं बड़े अधिकारी?
नेपाल के पूर्व राजदूत शंभू राम सिम्खाड़ा का मानना है कि अमेरिका की इस अचानक बढ़ी दिलचस्पी के पीछे दो बड़े कारण हैं:
पहला कारण: नेपाल में अमेरिका का पारंपरिक और पुराना हित रहा है।
दूसरा कारण: नेपाल के हालिया चुनावों के नतीजे, जिसने वहां की पूरी राजनीति का हुलिया बदल दिया है। नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह का काम करने का अंदाज बेहद लीक से हटकर है। ऐसे में एक वैश्विक महाशक्ति होने के नाते अमेरिका बहुत करीब से देखना चाहता है कि नेपाल के ये नए राजनीतिक चेहरे देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि रोजर्स से पहले अप्रैल में अमेरिकी सहायक सचिव पॉल कपूर और फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर भी नेपाल का दौरा कर चुके हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इनमें से किसी भी अमेरिकी अधिकारी से मुलाकात नहीं की है।
किन खास मुद्दों पर टिकी है अमेरिका और नेपाल की बातचीत?
नेपाली विदेश मंत्रालय के सूत्रों और राजनयिकों के मुताबिक, इन दौरों के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हो रही है: