Union Budget 2024 : वित्तमंत्री टैक्सपेयर्स को देंगी बड़ा तोहफा, हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स-छूट बढ़ेगी

Budget 2024 : कोरोना की महामारी के बाद जिस तरह से इंश्योरेंस कंपनियों ने हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम बढ़ाए हैं, उसे देखते हुए हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन बढ़ाने की जरूरत है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80 के तहत हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। 60 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति खुद और अपने परिवार (पत्नी और बच्चों) के लिए हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर एक वित्त वर्ष में 25,000 रुपये के डिडक्शन का दावा कर सकता है

अपडेटेड Jan 25, 2024 पर 11:37 AM
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Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2015 में सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन को बढ़ाया गया था। तब 60 से कम उम्र के व्यक्ति के लिए इसे एक वित्त वर्ष में 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया था। इस बीच हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम दोगुना से ज्यादा हो गया है।

Interim Budget 2024 : टैक्सपेयर्स को यूनियन बजट (Union Budget) में बड़ा तोहफा मिल सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) हेल्थ पॉलिसी (Health Policy) पर टैक्स छूट बढ़ा सकती हैं। 1 फरवरी को वित्तमंत्री केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। इसमें पॉलिसी में बड़े बदलाव के ऐलान होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोकसभा चुनावों से पहले आने वाले इस बजट में वित्तमंत्री टैक्सपेयर्स को कुछ राहत दे सकती हैं। लंबे समय से टैक्सपेयर्स हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर टैक्स छूट बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। उम्मीद है कि अंतरिम बजट में वित्तमंत्री उनकी यह मांग पूरी कर देंगी। इससे पहले 2019 में अंतरिम बजट आया था। उसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने टैक्सपेयर्स को कई राहत दी थी।

कोरोना की महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बहुत महंगी हो गई है

नोएडा के रहने वाले मनीष गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उनकी हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम काफी बढ़ गया है। खासकर कोरोना की महामारी के बाद इंश्योरेंस कंपनियों ने हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम में बड़ा इजाफा किया है। 52 साल के गुप्ता ने एक सरकारी बीमा कंपनी से 5 लाख रुपये कवर वाली हेल्थ पॉलिसी ली है। इसमें उनकी पत्नी और दो बच्चे कवर है। पिछले साल जनवरी में उन्होंने इस पॉलिसी के लिए 25,000 रुपये का प्रीमियम चुकाया था। इस साल जनवरी में पॉलिसी रिन्यू कराने के लिए उन्हें करीब 32,000 रुपये चुकाने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स के नियम के मुताबिक, वह अपनी हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर सिर्फ 25,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसका मतलब है कि 7,000 रुपये पर उन्हें कोई टैक्स-बेनेफिट नहीं मिलेगा।


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इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी के तहत मिलता है डिडक्शन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना की महामारी के बाद जिस तरह से इंश्योरेंस कंपनियों ने हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम बढ़ाए हैं, उसे देखते हुए हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन बढ़ाने की जरूरत है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80 के तहत हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। 60 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति खुद और अपने परिवार (पत्नी और बच्चों) के लिए हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर एक वित्त वर्ष में 25,000 रुपये के डिडक्शन का दावा कर सकता है। वह अपने बुजुर्ग (60 साल से ऊपर) माता-पिता के लिए अलग हेल्थ पॉलिसी पर एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये डिडक्शन का दावा कर सकता है।

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साल 2015 के बाद डिडक्शन नहीं बढ़ाया गया है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2015 में सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन को बढ़ाया गया था। तब 60 से कम उम्र के व्यक्ति के लिए इसे एक वित्त वर्ष में 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया था। इस बीच हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम दोगुना से ज्यादा हो गया है। मेडिकल खर्च में भी काफी ज्यादा इजाफा हुआ है, जिससे लोगों के लिए ज्यादा अमाउंट वाली हेल्थ पॉलिसी लेना जरूरी हो गया है। इसलिए सरकार को सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शन की लिमिट जल्द बढ़ाने की जरूरत है। 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति के लिए इसे 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने की जरूरत है। बुजुर्ग माता-पिता के लिए डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की जरूरत है।

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