Union Budget 2024 : इस बार यूनियन बजट (Union Budget) में कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) पर सरकार का फोकस बढ़ सकता है। कृषि सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट आई है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कृषि सेक्टर की ग्रोथ घटकर 1.2 फीसदी रह गई है। ऐसे में सरकार बजट में कृषि सेक्टर की ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान कर सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव के बाद जो नई सरकार बनेगी वह वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरिम बजट में वित्तमंत्री पॉलिसी में बदलाव करने वाले ऐलान नहीं करेंगी। लेकिन, वह इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर की जरूरतों को देखते हुए आवंटन बढ़ा सकती हैं।
बजट 2024 में 22-25 लाख करोड़ रुपये टारगेट तय होने की उम्मीद
इस वित्त वर्ष (2023-24) के लिए सरकार ने कृषि कर्ज के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। इसमें 10 फीसदी से ज्यादा वृद्धि की जा सकती है। उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट में एग्री-क्रेडिट का टारगेट बढ़ाकर 22-25 लाख करोड़ रुपये कर सकती हैं। सरकार ने पिछले कुछ सालों में एग्री-क्रेडिट पर फोकस बढ़ाया है। सरकार उन किसानों को कृषि कर्ज उपलब्ध कराने के लिए कई प्रोग्राम चला रही हैं, जो अब तक कृषि कर्ज की सुविधा का लाभ नहीं ले सके हैं। कृषि मंत्रालय ने इसके लिए 'क्रेडिट' पर एक अलग डिवीजन बनाया है। कृषि और इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए क्रेडिट डिस्बर्सल पिछले 10 साल में टारगेट से ज्यादा रहा है।
किसानों को रियायती दर पर मिलता है कृषि कर्ज
अभी सरकार सभी वित्तीय संस्थानों को 3 लाख रुपये तक की छोटी अवधि के कृषि कर्ज पर 2 फीसदी का सबवेंशन देती है। इसका मतलब है कि किसान को सालाना 7 फीसदी की रियायती दर पर बैंकों से कृषि के लिए 3 लाख रुपये तक का कर्ज मिलता है। सरकार उन किसानों के मामले में 3 फीसदी का सबवेंशन देती है, जो समय पर अपना कर्ज चुका देते हैं। किसान लंबी अवधि के लिए भी लोन ले सकते हैं। लेकिन, उस पर इंटरेस्ट रेट मार्केट के हिसाब से लगता है।
फर्टिलाइजर सब्सिडी इस वित्त वर्ष में 1.88 लाख करोड़ रहने की उम्मीद
इस वित्त वर्ष में फर्टिलाइजर सब्सिडी पर खर्च 1.88 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। यूनियन बजट 2023 में फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। लेकिन, बाद में बजट अनुमान में संशोधन किया गया। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि इस वित्त वर्ष के दौरान फर्टिलाइजर सब्सिडी खर्च 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। लेकिन, फर्टिलाइजर के ग्लोबल प्राइसेज में कमी से ऐसा नहीं हुआ।
फर्टिलाइजर सब्सिडी का टारगेट में नहीं होगी ज्यादा वृद्धि
रसायन और खाद्य उर्वरक मंत्री मनसुख मंडविया (Mansukh Mandaviya) ने हाल में कहा था कि फर्टिलाइजर की ग्लोबल कीमतों में कमी की वजह से सब्सिडी खर्च घटा है। ऐसे में यह उम्मीद है कि अंतरिम बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी नहीं बढ़ेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फर्टिलाइजर सब्सिडी को इस वित्त वर्ष के लेवल पर रखा जा सकता है या इसमें कमी की जा सकता है।