अंडमान में तेल निकालने जा रही Oil India, यहां तक काम हो चुका है पूरा

सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया (Oil India) अगले वित्त वर्ष 2024-25 के शुरुआत में अंडमान में तेल निकालने वाली है। ऑयल इंडिया ने नीलामी में यहां दो ब्लॉक हासिल किए थे। अंडमान में सर्वे भी ओएनजीसी के अलावा ऑयल इंडिया ने ही किया था और अब यह तेल भी निकालने जा रही है। जानिए अंडमान में तेल निकालने पर जोर क्यों दिया जा रहा है?

अपडेटेड Oct 13, 2023 पर 10:46 AM
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सरकार ने घरेलू स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए ऐसे इलाकों में भी खनन की मंजूरी दे दी है, जहां पहले इसकी इजाजत नहीं थी यानी 'नो-गो' एरियाज में।

सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया (Oil India) अगले वित्त वर्ष 2024-25 के शुरुआत में अंडमान में तेल निकालने वाली है। यह जानकारी ऑयल इंडिया के निदेशक (एक्स्पोलेरेशन एंड डेवलपमेंट) मानस कुमार शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए जरूरी रिग्स यानी ड्रिल मशीन की पहचान की जा चुकी है। ऑयल इंडिया ने तीसरे ओपन एकड़ेज लाइसिंग पॉलिसी (OALP) राउंड में अंडमान में दो शैलो-वाटर ब्लॉक्स- AN-OSHP-2018/1 और AN-OSHP-2018/2 हासिल किए थे। ऑयल इंडिया को हाल ही में महारत्न कंपनी बनाया गया था। महारत्न कंपनियों की सूची में ऐसी लिस्टेड नवरत्न कंपनियों को रखा जाता है जिनका पिछले तीन वर्षों में सालाना नेट प्रॉफिट 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक, औसतन सालाना टर्नओवर 25 हजार करोड़ रुपये और औसतन सालाना नेटवर्थ 15 हजार करोड़ रुपये हो।

अंडमान पर इतना फोकस क्यों है?

सरकार ने घरेलू स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए ऐसे इलाकों में भी खनन की मंजूरी दे दी है, जहां पहले इसकी इजाजत नहीं थी यानी 'नो-गो' एरियाज में। अभी देश की जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक आयात होता है। अगस्त 2023 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जरूरत का 87.8 फीसदी तेल बाहर से आ रहा है। अंडमान के बेसिन की बात करें तो यह 2,25,918 वर्ग किमी में फैला हुआ है और यहां 18,074 वर्ग किमी का शैलो वाटर एरिया और 2,07,844 वर्ग किमी डीप वाटर एरिया है जिसमें हाइड्रोकार्बन के बड़े भंडार होने का अनुमान है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हाईड्रोकॉर्बन्स (DGH) के मुताबिक अंडमान दूसरी कैटेगरी के बेसिन में है यानी कि यहां रिसोर्सेज हैं लेकिन अभी इनका कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू नहीं हुआ है।


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ONGC और OIL India ने किया था सर्वे

DGH के समर्थन पर ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) और ऑयल इंडिया ने इस क्षेत्र में 2-डी डेटा के 22 हजार लाइन किमी (LKM) से अधिक एक्स्क्लूसिव इकनॉमिक जोन (EKM) में सर्वे का काम सौंपा गया था। ऑयल इंडिया ने कुछ समय पहले मनीकंट्रोल को बताया था कि उसने अंडमान-निकोबार बेसिन में 22,500 एलकेएम 2-डी ब्रॉडबैंड भूकंपीय डेटा से जुड़ी पूरी डिटेल्स 31 मार्च को डीजीएच को सौंप दिया था। ONGC ने भी सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

अक्टूबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से अब OALP के नवें राउंड में अंडमान में चार ब्लॉक ऑफर किए जा रहे हैं और इसके लिए नीलामी अभी शुरू होने वाली है। इसमें 26 ब्लॉक के लिए बोली लगेगी और इसमें से 15 अल्ट्रा-डीप वाटर, 18 शैलो सी और 3 ब्लॉक जमीन पर हैं। ये ब्लॉक2.23 लाख वर्ग किमी से अधिक एरिया में फैले हुए हैं। ONGC और ऑयल इंडिया ने मनीकंट्रोल को पहले ही बताया था कि वे अंडमान में और ब्लॉक के लिए बोली लगा सकती हैं।

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