हार्ट अटैक के मामले युवाओं में बढ़े!, क्या कोरोना वैक्सीन से है रिश्ता? ICMR ने किया बड़ा खुलासा

Heart Attack: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का कहर आखिर सबको याद होगा। इससे बचने के लिए वैक्सीन लगाई गई थी। इसके बाद देश हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ने लगे। ऐसे में लोगों ने वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। लेकिन क्या हार्ट अटैक के लिए वैक्सीन जिम्मेदार है। इस पर ICMR ने एक बड़ा खुलासा किया है

अपडेटेड Nov 22, 2023 पर 7:48 AM
Story continues below Advertisement
Heart Attack: ICMR का कहना है कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे हार्ट अटैक के मामले नहीं बढ़े हैं।

Heart Attack: कोरोना काल में जब हर त‍रफ हाहाकार मचा था। हर दिन बड़ी संख्‍या में लोग अपनी जान गवां रहे थे। उस समय वैक्‍सीन उनके लिए वरदान साबित हुई। इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग कोरोना को मात दे पाए। लेकिन पिछले कुछ समय से उसी वैक्‍सीन को लेकर तमाम सवाल उठने लगे थे। तमाम लोग हार्ट अटैक के मामलों को और कोरोना के बाद अचानक हुई मौतों को इस वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट से जोड़कर देख रहे थे। इस मामले में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research – ICMR) ने एक स्टडी की है। जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं।

ICMR ने स्टडी में दावा किया है कि भारत में जो युवा अचानक हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। इसके लिए कोरोना वैक्सीन जिम्मेदार नहीं है। स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे कोई समस्या नहीं है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक


ICMR ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना का वायरस दिल की बीमारी और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा मात्रा में शराब पीने वाले लोगों और गंभीर कोविड-19 संक्रमण हिस्ट्री मौत का कारण हो सकती है। ICMR की इस स्टडी में भारत में 18 से 45 साल के ऐसे 1145 युवाओं को शामिल किया गया। जिनकी 1 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2023 के बीच अचानक हार्ट अटैक से मौत हुई थी। स्टडी में कहा है कि कोविड की वजह से अस्पताल में भर्ती होने की हिस्ट्री, परिवार में होने वाली अचानक मौत का रिकॉर्ड, मौत से पहले 48 घंटे तक शराब पीन, ड्रग्स लेना या फिर मौत से 48 घंटे पहले जबरदस्त एक्सरसाइज करना, कुछ ऐसे फैक्ट्स हैं, जिनके अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।

Diabetes: सर्दी के मौसम में बाजरा है फायदेमंद, ब्लड शुगर रहेगा डाउन, मोटापे की होगी छुट्टी

इस स्टडी में देश के कुल 47 अस्पतालों को शामिल किया गया। इसके साथ ही इस स्टडी में 18 से 45 साल की उम्र के लोग शामिल हुए। उनमें से एक भी व्यक्ति पुरानी बीमारी से नहीं जूझ रहा था। स्टडी में जानकारी मिली है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दो डोज ली थी। उनमें अचानक होने वाली मौत का खतरा बेहद कम था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।