वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस (Moody's Investors Service) ने इंडिया के 2024 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि (GDP ग्रोथ) के अनुमान को बढ़ाया है। मूडीज ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा पैसा खर्च किये जा रहा है (capital spending) और देश में मजबूत मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी दिख रही है। इसलिए उन्होंने भारत के 2024 जीडीपी ग्रोथ का अनुमान नवंबर 2023 के 6.1% के अनुमान से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। मूडीज ने यह भी कहा कि 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान है, जबकि पहले उनका अनुमान 6.3% का था।
मूडीज ने कहा "कैलेंडर वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में सालाना 8.4% की वृद्धि हुई। इसके परिणामस्वरूप पूरे साल 2023 के लिए 7.7% की ग्रोथ हुई। हमारा मानना है कि वैश्विक प्रतिकूलताओं के कम होने के साथ, भारतीय अर्थव्यवस्था को आराम से 6-7% वास्तविक GDP ग्रोथ दर्ज करने में सक्षम हो सकती है। इसलिए हम कैलेंडर वर्ष 2024 में लगभग 6.8% की ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। इसके बाद 2025 में 6.4% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। सरकार द्वारा पूंजीगत खर्च बढ़ाने और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों ने 2023 में मजबूत ग्रोथ नतीजों में सार्थक योगदान दिया है। हम आम चुनाव के बाद इस पॉलिसी के जारी रहने की उम्मीद करते हैं। बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार का फोकस बना रहेगा।
29 फरवरी को जारी ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2024-25 के अपने फरवरी अपडेट में मूडीज ने कहा, "मजबूत विकास और स्थिर मुद्रास्फीति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India (RBI) आने वाले महीनों में दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।" मूडीज ने कहा कि उसे भारत की रिटेल महंगाई 2024 में 5.2% और 2025 में 4.8% रहने का अनुमान है।
"जनवरी में हेडलाइन इनफ्लेशन पिछले महीने के 5.7% से कम होकर 5.1% हो गई। कोर इनफ्लेशन भी दिसंबर में 3.8% से कम होकर 3.5% पर आ गई। आरबीआई ने फरवरी में रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखा। जो कि मार्च 2023 के बाद से समान स्तर पर नजर आ रही है। ठोस विकास गतिविधियों और इनफ्लेशन के 4% के टारगेट से ऊपर बने रहने की उम्मीद के चलते हम निकट भविष्य में पॉलिसी में ढिलाई की उम्मीद नहीं करते हैं,'' ऐसा मूडीज ने कहा।
मूडीज ने आगे कहा कि 2023 के अंतिम तीन महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर 8.4% की दर से बढ़ी। डेढ़ साल में सबसे तेज गति से बढ़ी। इसने आम चुनावों से पहले दुनिया को मात देने वाली ग्रोथ रेट प्रदान करने के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड को मजबूत किया।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office (NSO) द्वारा पिछले हफ्ते जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर में ग्रोथ रेट पिछले तीन वर्षों में 7.6% से अधिक रही। इसने चालू वित्त वर्ष (अप्रैल 2023 से मार्च 2024) के अनुमान को 7.6% तक ले जाने में मदद की। एनएसओ) पिछले सप्ताह।
2023-24 का अनुमान जनवरी में किए गए 7.3% अनुमान से बेहतर है। ये आईएमएफ और विश्व बैंक द्वारा क्रमशः 6.7% और 6.3% के अनुमान से काफी अधिक है।
वर्ष 2024 भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका (बीए2 स्टेबल), यूके और अमेरिका सहित कई जी-20 देशों के लिए चुनावी साल है।
मूडीज ने कहा, "इस साल चुने गए नेता अगले चार से पांच वर्षों तक घरेलू और विदेशी नीतियों को प्रभावित करेंगे। इसके अनुसार ही बिजनेस सप्लाई चैन और कैपिटल सोर्स को पुनर्गठित करके भू-राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से रिस्पॉन्ड कर रहे हैं।"
इसमें कहा गया है कि भू-राजनीतिक वास्तविकताएं आने वाले वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रवाह, पूंजी प्रवाह, अंतर्राष्ट्रीय माइग्रेशन रुझान और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को प्रभावित करेंगी। घरेलू स्तर पर, कई देशों की औद्योगिक और व्यापार नीतियां विदेश नीति के साथ जुड़ी हुई हैं।