Small Savings Schemes: केंद्र सरकार ने आम निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। लगातार पांचवी तिमाही सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अगली तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर 2023 के लिए इनकी दरों में 20 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। 29 सितंबर को वित्त मंत्रालय ने इससे जुड़ी अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के मुताबिक पांच साल की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर ब्याज की दरें 6.5 फीसदी से बढ़कर 6.7 फीसदी कर दी गई हैं।
दूसरी छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और इन पर वही ब्याज दर है जो जुलाई-सितंबर 2023 में है। वित्त मंत्रालय ने लगातार नौ तिमाहियों तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया था और फिर अक्टूबर-दिसंबर 2022 में छोटी बचत योजनाओं पर लगातार ब्याज बढ़ाना शुरू किया।
अब कितनी हैं सभी Small Savings Schemes की ब्याज दरें
इस तरह से तय होती है ब्याज दरें
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सरकार तय करती है। यह कितना होगा, इसका फैसला सरकारी सिक्योरिटीज की मार्केट यील्ड के आधार पर तय होता है। इस प्रकार जब गवर्नमेंट सिक्योरिटीज पर मार्केट यील्ड्स बढ़ता या गिरता है तो सरकार के फॉर्मूले के हिसाब से उसी हिसाब से छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी इजाफा या कमी की जाती है। दिसंबर 2023 तिमाही के लिए जून-अगस्त रिफरेंस पीरियड है यानी इस पीरियड के दौरान सिक्योरिटीज पर मार्केट यील्ड्स में उतार-चढ़ाव पर दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय की गई हैं।
ये 5 बदलाव आपकी जेब पर डालेंगे सीधा असर, अक्टूबर में लागू होंगे नियम
जून-अगस्त में सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई, पांच साल के बॉन्ड की यील्ड करीब 24 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.24 फीसदी बढ़ गई। इसीलिए पांच साल के RD के लिए दरें बढ़ गई हैं। हालांकि बाकी छोटी बचत योजनाओं की दरों में बढ़ोतरी क्यों नहीं हुई, यह हैरानी करने वाला है क्योंकि यील्ड तो सभी सरकारी सिक्योरिटीज पर बढ़ा है। जून-अगस्त में 10 साल के बॉन्ड की यील्ड करीब 18 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.18 फीसदी, 364 दिनों के ट्रेजरी बिल की यील्ड 14 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.14 फीसदी बढ़ गई।