Gold Silver Rate Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही, पश्चिम एशिया में भू राजनीतिक तनाव फिर बढ़ा है। इसके चलते घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की खरीदारी बढ़ गई।
सोना 1.56 लाख रुपये के पार
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक 24 कैरेट वाला सोना 1500 रुपये महंगा होकर 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। सोमवार को इसका भाव 1,55,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत में करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
चांदी में 12 हजार रुपये की छलांग
चांदी की कीमतों में और भी बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी 12,000 रुपये यानी 4.53 फीसदी उछलकर 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों आई कमजोरी
दिलचस्प बात यह रही कि घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली।
स्पॉट गोल्ड 42.33 डॉलर यानी करीब 1 फीसदी गिरकर 4692.64 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर 3.04 फीसदी टूटकर 83.49 डॉलर प्रति औंस रह गया।
Kotak Securities ने क्या कहा
ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तीन हफ्ते के उच्च स्तर से नीचे आया है और करीब 4700 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
वहीं चांदी 85 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई। ब्रोकरेज के मुताबिक मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की वजह से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
ईरान तनाव से क्यों बढ़ी चिंता
बाजार का मूड उस समय और सतर्क हो गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब 'खतरे में' है।
दरअसल ईरान ने अमेरिका के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है और कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड
कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि आने वाले समय में भू राजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता सोना-चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे सकती है।
हालांकि मजबूत डॉलर, ऊंची बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की वजह से निकट भविष्य में कीमती धातुओं की तेजी पर दबाव बना रह सकता है।
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