अरहर की खेती को किसानों के लिए एक भरोसेमंद और मुनाफे वाली फसल माना जाता है, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह सावधानी और सही समय पर देखरेख पर निर्भर करती है। जरा सी चूक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान में डाल सकती है। खासतौर पर फली बनने के दौर में अरहर की फसल पर कीट और रोग तेजी से हमला करते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती है। कई बार शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देने से समस्या और गंभीर हो जाती है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कृषि महाविद्यालय के कृषि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद निर्मलकर का कहना है कि यदि किसान समय रहते फसल की नियमित निगरानी करें और वैज्ञानिक तरीके से दवाओं का उपयोग करें,
