अब चीकू उगाने के लिए जमीन नहीं, गमले में अपनाएं ये एक्सपर्ट ट्रिक

Chiku Ugane ka Formula: टेरेस गार्डनिंग में बनाना चीकू तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। गार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलाल पटेल बताते हैं कि 22 से 24 इंच के गमले में यह पौधा आसानी से उगाया जा सकता है। खास बात यह है कि करीब एक फीट की ऊंचाई पर ही इसमें फल आने लगते हैं। केले जैसी लंबाई और मीठा स्वाद इसकी पहचान है

अपडेटेड Jan 22, 2026 पर 12:58 PM
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सही तकनीक और नियमित देखभाल के साथ बनाना चीकू टेरेस गार्डनिंग में नया क्रेज बना रहा है।

छत्तीसगढ़ में टेरेस और किचन गार्डनिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। पहले लोग केवल सब्जियों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब फल उगाने का शौक भी बढ़ गया है। इसी बीच बनाना चीकू नामक खास किस्म लोगों के बीच चर्चा में आ गई है। यह किस्म न सिर्फ स्वाद और आकार में अलग है, बल्कि गमले में भी आसानी से उगाई जा सकती है। टेरेस गार्डनिंग के शौकीनों के लिए यह एक नया आकर्षण बन चुकी है। गार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलाल पटेल बताते हैं कि बनाना चीकू को बड़े गमले में लगाने से पौधा तेजी से बढ़ता है और जल्दी फल देता है।

इसकी लंबाई केले जैसी होती है और स्वाद बेहद मीठा होता है। सही मिट्टी, गोबर खाद और पानी की नियमित देखभाल से यह पौधा टेरेस गार्डनिंग का नया स्टार बन गया है। अब लोग इसे अपने घर पर भी उगा रहे हैं और टेरेस गार्डनिंग का आनंद ले रहे हैं।

बड़े गमले में लगाना जरूरी


गार्डनिंग एक्सपर्ट हेमलाल पटेल के अनुसार, बनाना चीकू को टेरेस गार्डन में लगाने के लिए बड़े गमले का इस्तेमाल करना चाहिए। 22–24 इंच साइज के गमले सबसे उपयुक्त हैं। सही गमला और देखभाल से पौधा जल्दी बढ़ता है और कम ऊंचाई में फल देना शुरू कर देता है।

केले जैसी लंबाई और मीठा स्वाद

यह किस्म सामान्य चीकू से अलग होती है। लगभग एक फीट ऊंचे पौधे में ही 5-5 फल निकलने लगते हैं। आकार में यह केले की तरह लंबा होता है और स्वाद में बेहद मीठा और टेस्टी। इसकी विशेषता और स्वाद की वजह से इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

मिट्टी और खाद का सही मिश्रण

गमले में भुरभुरी मिट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें 30–40% गोबर खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाना जरूरी है। पानी की निकासी का ध्यान रखना जरूरी है, इसलिए मिट्टी में बालू या भूंसी मिलाएं। ज्यादा या कम पानी देना नुकसान कर सकता है।

पानी देने और देखभाल का तरीका

मिट्टी की ऊपरी परत लगभग एक इंच सूखने पर ही पानी दें। समय-समय पर गोबर खाद डालना पौधे के विकास के लिए अच्छा है। नीम खली डालने से जड़ें मजबूत होती हैं और फंगस जैसी बीमारियों से पौधा सुरक्षित रहता है।

 टेरेस गार्डनिंग की नई पहचान

सही तकनीक और नियमित देखभाल के साथ बनाना चीकू टेरेस गार्डनिंग में नया क्रेज बना रहा है। कम जगह में ज्यादा फल, शानदार स्वाद और आसान देखभाल इसे हर गार्डनर के लिए पसंदीदा बनाती है।

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