आज के बदलते दौर में खेती का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। अब किसान सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसी फसलों की तलाश में हैं जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा दे सकें। बढ़ती महंगाई, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की प्रतिस्पर्धा ने किसानों को नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे में मूंगफली की खेती एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है। मूंगफली की खास बात यह है कि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, चाहे गर्मी हो या सर्दी। यही वजह है कि किसान इसे अपनाकर स्थिर आय का स्रोत बना रहे हैं।
कम पानी, कम लागत और अच्छे बाजार भाव के कारण यह फसल किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। धीरे-धीरे मूंगफली की खेती ग्रामीण इलाकों में एक ट्रेंड बनती जा रही है, जो किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
बिहार के अररिया में मूंगफली की खेती का जलवा
बिहार के अररिया जिले के तराई क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर मूंगफली उगा रहे हैं। यहां की मिट्टी और मौसम इस फसल के लिए अनुकूल हैं, जिसके कारण किसान साल में दो बार इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
बाजार में मिल रहा बढ़िया रेट
स्थानीय किसान संतोष कुमार बताते हैं कि वे पिछले 5 सालों से मूंगफली की खेती कर रहे हैं। बाजार में इसका भाव 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल जाता है। खासकर गर्मियों में इसकी मांग बढ़ जाती है, जिससे किसानों की कमाई और बढ़ जाती है।
मूंगफली की खेती की खास बात यह है कि इसमें लागत काफी कम आती है। प्रति एकड़ 10 से 15 हजार रुपये खर्च होता है, जबकि मुनाफा एक लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकता है।
मूंगफली सिर्फ कमाई का जरिया ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन-ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और मजबूती देते हैं।
दो एकड़ में लाखों की कमाई
किसान संतोष कुमार के अनुसार, वे दो एकड़ जमीन पर मूंगफली की खेती करके करीब 2 लाख रुपये तक की कमाई कर लेते हैं। कम सिंचाई और जैविक तरीके से खेती करने पर खर्च भी कम आता है और मुनाफा ज्यादा होता है।