आज के समय में किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या घटती पैदावार बनती जा रही है। कई किसान मानते हैं कि मेहनत पहले जैसी ही है, लेकिन फसल का परिणाम वैसा नहीं मिल रहा। इसकी एक अहम वजह है मिट्टी की खराब होती गुणवत्ता, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। लगातार रासायनिक खाद और उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से जमीन की प्राकृतिक ताकत धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
इससे मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ता है। ऐसे में अब जरूरत है कि किसान सिर्फ खाद पर निर्भर रहने के बजाय मिट्टी की सेहत को समझें और सही तरीके अपनाकर उसकी उर्वरता को बनाए रखें, तभी बेहतर पैदावार संभव हो पाएगी।
मिट्टी जांच क्यों है जरूरी
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हर 2-3 साल में मिट्टी की जांच कराना बेहद जरूरी है। इससे किसान को पता चलता है कि खेत में कौन सा पोषक तत्व कम है और कितनी मात्रा में खाद डालनी चाहिए। जांच के बाद मिलने वाला सॉइल हेल्थ कार्ड जमीन की पूरी “हेल्थ रिपोर्ट” देता है।
मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं
मिट्टी में तीन तरह के पोषक तत्व जरूरी होते हैं। मुख्य तत्व जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश फसल की बढ़वार के लिए जरूरी हैं। दूसरे तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर भी पौधों के विकास में मदद करते हैं। वहीं सूक्ष्म तत्व जैसे जिंक, आयरन और कॉपर थोड़ी मात्रा में जरूरी होते हैं, लेकिन इनकी कमी या ज्यादा होना नुकसानदायक हो सकता है।
सही तरीके से मिट्टी का सैंपल कैसे लें
अगर खेत एक एकड़ का है तो 5-6 जगह से मिट्टी लें। करीब 15 सेंटीमीटर गहराई से मिट्टी निकालकर सभी सैंपल को मिला लें। फिर उसे फैलाकर थोड़ा हिस्सा अलग कर लें और साफ थैली में भर लें। साथ में किसान का नाम और खेत की जानकारी जरूर लिखें।
मिट्टी की जांच कहां कराएं
किसान अपने सैंपल को कृषि विभाग की लैब, कृषि विज्ञान केंद्र या नजदीकी कृषि कॉलेज में जमा कर सकते हैं। कुछ दिनों में रिपोर्ट मिल जाती है, जिसमें बताया जाता है कि किस खाद की कितनी जरूरत है।
फसल कटने के बाद या नई फसल बोने से पहले मिट्टी का सैंपल लेना सबसे सही रहता है। इससे समय रहते सही जानकारी मिलती है और किसान बेहतर योजना बना सकता है।
मिट्टी जांच से किसान जरूरत के हिसाब से ही खाद डालता है। इससे बेवजह खर्च बचता है और फसल की पैदावार भी बढ़ती है। यानी कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना आसान हो जाता है।